दिल्ली पुलिस ने अचानक शनिवार शाम जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय के छात्रावास के कमरों की तलाशी ली। तलाशी की खबर मिलते ही कैंपस में छात्रों की भारी भीड़ जमा हो गई। छात्रों ने कुलपति, जामिया प्रशासन और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।
छात्रों का कहना था कि जामिया में जेएनयू जैसे हालात बनाने का प्रयास किया जा रहा है। जबकि पुलिस और जामिया प्रशासन ने इसे रूटीन चेकिंग बताकर मामले से पल्ला झाड़ लिया है। इधर, देर रात तक कैंपस में छात्रों की भारी भीड़ जमा थी।
छात्रों के मुताबिक, शनिवार शाम जामिया मिल्लिया इस्लामिया परिसर में बने क्लाट हाउस छात्रावास में अचानक पुलिसकर्मी पहुंच गए। पुलिसकर्मियों ने छात्रों के कमरों की तलाशी ली।
जैसे ही इसकी खबर छात्रों की लगी, लाइब्रेरी के बाहर छात्रों की भारी भीड़ जमा हो गई और पुलिस व जामिया प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। छात्रों का कहना था कि उन्हें बदनाम करने की नीयत से सारी कार्रवाई की जा रही है।
छात्र नेता नबी मोहम्मद ने आरोप लगाया कि कुछ लोग जामिया में जेएनयू जैसा माहौल बनाकर छात्रों को बदनाम करना चाहते हैं। इसमें जामिया प्रशासन की भी मिलीभगत है।
हालांकि मीडिया से बातचीत के दौरान जामिया प्रशासन व पुलिस का कहना था कि स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर एक रूटीन प्रक्रिया के तहत छात्रावास की तलाशी ली गई है।
वहीं छात्रों का कहना था कि इससे पूर्व यहां कभी तलाशी नहीं ली गई। खबर लिखे जाने तक जामिया के गेट नंबर-7 के पास छात्रों की भारी भीड़ जमा थी।