मैं कर्म करता हूं फल की चिंता कभी नहीं करता। किस्मत पर मुझे पूरा भरोसा है। यह कहना है जेईई मेन में ऑल इंडिया टॉपर रैंक हासिल करने वाले दीपांशू जिंदल का। दीपांशु मित्तल ने कहा कि मुझे यह स्थान मिलेगा ऐसा मैने नहीं सोचा था मैने सिर्फ अपने जिम्मेदारी निभाई थी।
यह मेरी किस्मत में था। दीपांशु मित्तल अपने परिवार के साथ दिल्ली के शालीमार बाग के हैदरपुर में परिवार के साथ रहते है। मां गृहणी है पिता शिक्षक है। पीछे से यह हरियाणा के रोहतक में स्थित जैत गांव के रहने वाले है।
दीपांशू ने बताया कि उनका बचपन से इंजीनियरिंग में जाने का सपना था। बीच में जरूर एक बार मैने वायु सेना में जाने का सोचा था लेकिन बाद में फिर इंजीनियरिंग क्षेत्र को अपना भविष्य चुना।