ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क-2 स्थित आई.आई.एल.एम. कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में जैवप्रौद्योगिकी विभाग ने 02 एवं 03 अगस्त 2017 को दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी (बायोजेनिसिस-पंचम्) आयोजित किया जिसमें देश के विभिन्न स्थानों से जैवप्रौद्योगिकी, चिकित्सा शास्त्र एवं फार्मास्यूटिकल क्षेत्रों से शीर्ष एकेडमिशीयन, उद्योगपति एवं छात्रों ने भाग लिया।
इस संगोष्ठी में मुख्य अतिथि प्रो.रमेश चंद्रा (निदेशक- डॉ.बी आर अंबेडकर मेडिकल रिसर्च केंद्र, दिल्ली), विशिष्ट अतिथि डॉ. राकेश्वर बंडीचोर (निदेशक एवं उप चेयरमैन,डॉ. रेड्डी लैब्स) एवं मुख्य वक्ता डॉ. टी पी सिंह (एम्स), डॉ. रवींद्रनाथ (आईसीएमआर), डॉ.शमी ( डीआरडीओ), डॉ.सुनील (टिरी), डॉ.सत्यनारायण, डॉ.जावेद (नेसा), डॉ.प्रवीर (डीटीयू) इत्यादि ने जैवप्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नवीन शोध एवं तकनीक पर चर्चा की।
प्रो. रमेश चंद्रा ने अपने उद्घाटन भाषण में विचार साझा करते हुये कहा कि जो छात्र बायोटेक्नोलॉजी के माध्यम से मेडिकल साईन्स को बतौर कैरियर अपनाना चाहते है, निस्संदेह उनके लिये यह क्षेत्र सहायक है।
उन्होंने छात्रों और विशेषज्ञों से कैंसर सहित अन्य बिमारियों के लिये जैव प्रोद्योगिकी अनुसंधान की आवश्यकता पर बल दिया। इसके उपरांत अन्य प्रमुख वक्तागणो में अन्य आमंत्रित वक्ताओं ने भी उक्त विषय पर अपने विचार रखें।
कार्यक्रम की शुरुआत में सभी आमंत्रित अतिथियों का स्वागत करते हुये कॉलेज सीनियर निदेशक ए.पी. सिंह ने इस संगोष्ठी की आवश्यकता पर संक्षेप मे प्रकाश डालते हुये कॉलेज की अन्य विभिन्न गतिविधियों के साथ बायोटेक्नोलॉजी विजन-2025 पर प्रकाश डाला।
इस मौके पर संस्थान के निदेशक कर्नल के.रवि, विभागाध्यक्षा एवं संयोजक पल्लवी सिंह, रोमा चंद्रा, गरिमा गुप्ता इत्यादि समेत पूरे भारतवर्ष के विभिन्न विश्वविद्यालयों/संस्थानों से अतिथिगण एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।