प्रदेश के युवाओं का बीएड की ओर रुझान घटने लगा है। ऐसे में कई निजी बीएड कॉलेजों ने भी मंजूर सीटों की संख्या कम कर दी है। विवि से संबद्ध निजी बीएड कॉलेजों ने एनसीटीई से मंजूर चार यूनिट की संख्या घटाकर दो और दो यूनिट को एक यूनिट करवा दिया है। इससे इन बीएड कॉलेजों में भरी जाने वाली तीनों संकाय की सीटों में भी कमी आई है।
सूबे के निजी बीएड कॉलेजों में 7650 सीटें भरी जानी थीं। इसके लिए एचपीयू में काउंसलिंग चल रही है। यूनिट कम करने से इन सीटों की संख्या घटकर 7200 रह गई है। 43 कॉलेज ऐसे हैं, जिनमें सौ विद्यार्थी ही लिए जाएंगे। यानी, दो यूनिट ही भरेंगे। 23 कॉलेजों में शैक्षणिक सत्र 2017-19 के लिए एक यूनिट ही भरा जाएगा।
यानी, इन कॉलेजों में 50 विद्यार्थियों को ही दाखिला दिया जाएगा। प्रदेश के सिर्फ सात कॉलेज ही ऐसे हैं, जिनमें बीएड की दो सौ सीटें हैं। इन कॉलेजों में चार यूनिट भरे जाएंगे। सीटें कम होने से अब मेडिकल में सिर्फ 1781 सीटें, नॉन मेडिकल में 1874 और आर्ट्स और
कॉमर्स में 3545 सीटें काउंसलिंग से भरी जाएंगी। इनमें एचपीयू के शिक्षा विभाग और धर्मशाला स्थित शिक्षा विभाग के बीएड संस्थान में मेडिकल की 30 और 50, नॉन मेडिकल में 50 और 100, जबकि आर्ट्स-कामर्स में 20 और 100 सीटें भरी जानी हैं। सभी सीटें निजी बीएड कॉलेजों की होंगी।
कॉलेजों ने कम किए आवंटित यूनिट
बीएड काउंसलिंग कमेटी के समन्वयक प्रो. नयन सिंह ने माना कि विवि से संबद्ध अधिकतर कॉलेजों ने एनसीटीई से इस बार सीटें और उसके यूनिट कम करवाए हैं। अब महज 7200 सीटें प्रदेश में बीएड कोर्स की शेष बची हैं। एनसीटीई से मंजूर करवाए इन कॉलेजवार यूनिट के मुताबिक ही सीटें भरी जा रही हैं। सभी नौ कॉलेज अब एनसीटीई की वेबसाइट पर मान्यता प्राप्त प्रदेश के बीएड कॉलेजों की सूची में शामिल हो गए हैं।
काउंसलिंग में कम आ रहे विद्यार्थी
मेडिकल की 28 से 30 जुलाई तक हुई काउंसलिंग में कुल 2127 पात्र छात्रों में सिर्फ 1104 ने प्रवेश लिया है। नॉन मेडिकल की काउंसलिंग में छात्रों की संख्या जरूर बढ़ी, मगर बुलाए गए 961 में से छह सौ शामिल हुए हैं। बुधवार को दोपहर बाद तक कुल बुलाए गए 994 छात्रों में से 350 ने ही प्रवेश लिया है।