दिल्ली विश्वविद्यालय के कॉलेजों में पांचवीं कटऑफ के दाखिलों के बाद बची सीटों पर हजारों की संख्या में छात्रों ने आवेदन कर दिया है। औसतन कॉलेजों में सौ सीटों के लिए दस हजार से अधिक आवेदन आ गए हैं।
इससे अब प्राचार्यों को यह समझ नहीं आ रहा कि कुछ सीटों के लिए वे मेरिट कैसे तैयार करेंगे। उल्लेखनीय है कि बुधवार शाम चार बजे कॉलेजों को दाखिले के लिए मेरिट लिस्ट तैयार करनी है।
आर्यभट्ट कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ मनोज सिन्हा ने बताया कि उनके यहां सामान्य, ओबीसी, एससी, एसटी व पीडब्लयूडी श्रेणी को मिलाकर 229 सीटें बची थीं लेकिन, इन सीटों पर मंगलवार शाम को समाप्त हुई आवेदन प्रक्रिया के तहत 22 हजार तक आवेदन प्राप्त हो गए हैं।
हालांकि वह इस बात से खुश हैं कि दाखिला रद्द होने के कारण खाली हुई सीटें भर जाएंगी। वह हर सीट के लिए 10 फीसदी से अधिक छात्रों के दाखिला का अंतर लेकर चल रहे हैं। ऐसा हाल किसी एक कॉलेज का नहीं है।
लगभग सभी कॉलेजों में हजारों की संख्या में आवेदन आने से प्रिंसिपल परेशान हैं। अरबिंदो कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. विपिन अग्रवाल ने बताया कि उनके पास कुल 125 सीटें विभिन्न कोर्सेज के लिए बची थीं लेकिन, अब तीन दिन चली आवेदन प्रक्रिया के बाद 10 हजार आवेदन आ गए हैं।
इस कारण से अब यह समझ नहीं आ रहा है कि किस तरह से मेरिट तैयार की जाए। वहीं एक बार फिर दाखिला रद्द होने का सिलसिला शुरू होने के कारण भी प्रिंसिपल परेशान हैं। छात्रों के शिफ्टिंग के कारण कॉलेजों में कक्षाएं ठीक से नहीं लग पा रही हैं।
दिल्ली विश्वविद्यालय में बीते सोमवार को उन छात्रों को बड़ी राहत दी गई जिन्होंने पांचवीं कटऑफ तक दाखिला ले लिया था। उनके लिए भी मेरिट से दाखिले के लिए प्रक्रिया को खोला गया।
इस कारण से अन्य छात्रों के अलावा इन छात्रों ने भी आवेदन किया जिससे कॉलेजों में आवेदन का आंकड़ा हजारों में पहुंच गया है। कॉलेज प्रिंसिपल मान कर चल रहे हैं कि इस तरह से दाखिला प्रक्रिया पूरी होती नहीं दिख रही है।
अब कॉलेज इन सभी आवेदनों के आधार पर बुधवार को पहली मेरिट लिस्ट जारी करेंगे। यह हर कोर्स में सीटें कैटेगिरी के मुताबिक आवंटित की जाएंगी। उल्लेखनीय है कि बची सीटों पर आवेदन करने के लिए प्रक्रिया रविवार से शुरू हुई थी जो कि मंगलवार शाम चार बजे समाप्त हो गई।