दिल्ली विश्वविद्यालय में सोमवार से चौथी कटऑफ के दाखिले शुरू हो गए। डीयू शिक्षक संघ के आह्वान पर बुलाई गई शिक्षकों की हड़ताल का असर कुछ कॉलेजों की दाखिला प्रक्रिया पर भी पड़ा।
हालांकि, कई जगह इसका कोई प्रभाव नहीं दिखाई दिया। कटऑफ के पहले दिन कॉलेजों में सैकड़ों दाखिले हुए, जबकि काफी विद्यार्थियों ने रद्द भी कराए। अब तक 58,558 दाखिले हुए हैं और चौथी कटऑफ के बाद 5700 से अधिक दाखिले हो चुके हैं।
ईडब्ल्यूएस कोटे के चलते पहले से काम कर रहे शिक्षकों को हटाए जाने व अन्य मांगों को लेकर डूटा के आह्वान पर कुछ जगह शिक्षकों ने दाखिला प्रक्रिया का बहिष्कार किया। कुलपति कार्यालय के समक्ष विद्वत परिषद की बैठक के दौरान धरना दिया।
डूटा ने कॉलेजों में दाखिला प्रक्रिया में शामिल शिक्षकों से भी धरना-प्रदर्शन में शामिल होने का आह्वान किया था। शिक्षकों की हड़ताल के कारण डीयू के नामी किरोड़ीमल कॉलेज में चौथी कटऑफ के पहले दिन दाखिले शुरू नहीं हो सके।
दाखिला समिति से जुड़े अधिकारी के अनुसार, सुबह 9 से 9:30 बजे तक ही दाखिले के लिए कुछ फॉर्म आए। इसके बाद हड़ताल के कारण दाखिला प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई जा सकी। इस तरह यहां एक भी दाखिला नहीं हो सका।
ऐसा ही हाल कुछ अन्य कॉलेजों में भी रहा। दाखिला लेने कॉलेज पहुंचे विद्यार्थियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। हालांकि, कॉलेजों का कहना है कि विद्यार्थियों का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा।
ये रही कॉलेजों की स्थिति
आर्यभट्ट कॉलेज के दाखिला संयोजक डॉ राजेश द्विवेदी ने बताया कि उनके यहां हड़ताल का कुछ असर नहीं रहा। विद्यार्थियों को बिना परेशान किए दाखिले किए गए।
कॉलेज में 92 दाखिले अंग्रेजी-ऑनर्स में हुए। वहीं, ईको-ऑनर्स, हिंदी-ऑनर्स, गणित-ऑनर्स में कुछ दाखिले हुए हैं। पहली कटऑफ से लेकर अभी तक 597 दाखिले हो चुके हैं।
कॉलेज में लगभग 25 दाखिले रद्द भी हुए। इसमें साइकोलॉजी, ईकोनॉमिक्स, अंग्रेजी, बीकॉम व बीकॉम-ऑनर्स शामिल हैं। रामजस कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. मनोज खन्ना ने बताया कि हड़ताल का असर कॉलेज में नहीं रहा। यहां चौथी कटऑफ के पहले ही दिन 125 दाखिले हुए। यहां भी काफी दाखिले रद्द हुए।
उन्होंने बताया कि कुछ कॉलेजों से विद्यार्थी दाखिला रद्द कराकर उनके यहां भी आए हैं, जबकि बीकॉम में भी दाखिले हुए हैं। श्री अरबिंदो कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. विपिन अग्रवाल ने बताया कि पहले दिन उनके यहां 95 दाखिले हुए, जबकि 80 से 90 दाखिले रद्द कराए गए।
सामान्य के लिए यहां लगभग 2 ही बीकॉम-पास व बीकॉम-ऑनर्स कोर्सेज में दाखिले खुले हुए थे। इसलिए इन कोर्स में दाखिले होने के साथ काफी रद्द भी कराए गए।