दिल्ली विश्वविद्यालय अपने परीक्षा प्रणाली को पहले से अधिक प्रभावी व स्टूडेंट फ्रैंडली बनाने जा रहा है। इसमें अब और किस प्रकार के सुधार की आवश्यकता है, इसे जानने के लिए डीयू प्रशासन ने ऑनलाइन जनमत सर्वेक्षण की प्रक्रिया शुरू की है।
इस ऑनलाइन फीडैबक प्रक्रिया के तहत प्रश्नावली के माध्यम से जनमत लेने का प्रयास किया जा रहा है। प्राप्त फीडबैक के आधार पर यह तय किया जाएगा कि परीक्षा प्रणाली को कैसे बेहतर बनाया जाए।
डीयू प्रशासन की सोच है कि परीक्षा प्रणाली को पहले से फूलप्रूफ व ऑनलाइन बनाए जाने की आवश्यकता है। छात्रों के लिए प्रणाली स्टूडेंट फ्रैंडली हो और उन्हें किसी प्रकार की परेशानी न उठानी पड़े।
ऐसे में डीयू ने परीक्षा प्रणाली के संबंध में आम जनता से फीडबैक लेने के लिए ऑनलाइन जनमत प्रक्रिया का सहारा लिया है। प्रशासन ने बुधवार से सर्वेक्षण प्रक्रिया को शुरू किया। इसके लिए हित धारक 25 अक्तूबर तक अपने सुझाव दे सकते हैं।
तीन मुद्दों पर मांगे सुझाव
प्रशासन तीन प्रकार की परीक्षा प्रणाली के मद्देनजर सुझाव ले रहा है। इसमें दिल्ली विश्वविद्यालय में प्रवेश परीक्षा, रेगुलर परीक्षा (कॉलेज परीक्षा) व स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग व एनसीवेब (नॉन कालिजिऐयट वूमेन एजुकेशन बोर्ड) की परीक्षा शामिल हैं। उल्लेखनीय है कि डीयू ने सिस्टम को स्टूडेंट फ्रैंडली बनाते हुए हाल ही में दीक्षांत समारोह से पहले ऑनलाइन डिग्री जारी करने की व्यवस्था भी शुरू की है।
प्रश्नावली में पूछे गए सवाल
ऑनलाइन प्रश्नावली के माध्यम से प्रशासन ने रेगुलर छात्रों की उत्तर पुस्तिकाओं की गोपनीयता, छात्रों के ग्रीवांस, आंतरिक मूल्यांकन मामलों के संबंध में सुझाव मांगे हैं। यह भी पूछा गया है कि अंक तालिका की प्रमाणिकता के लिए मार्क्सशीट 6 माह तक वेबसाइट पर उपलब्ध हो। साथ ही मार्क्सशीट पर विश्वविद्यालय के लोगो का प्रावधान हो। क्या डिग्री, डुप्लीकेट अंकतालिका व प्रमाणपत्रों के सत्यापन से जुड़ी सेवाओं में देरी के चलते ऑनलाइन प्रकिया की आवश्यकता है, आदि।