दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदू कॉलेज में लड़कियों के हॉस्टल की फीस ज्यादा लिए जाने के मामले में यूजीसी ने हाथ पीदे खींच लिए। यूजीसी कार्यकारी सचिव पी.के ठाकुर ने दिल्ली महिला आयोग को बताया कि फीस लेने का मामला कॉलेज प्रशासन से जुड़ा है।
इस मामले का हल कॉलेज को ही निकालना है और यूजीसी की इसमें कोई भूमिका नहीं है। उल्लेखनीय है कि दिल्ली महिला आयोग ने यूजीसी कार्यकारी सचिव को सम्मन जारी किया था।
दिल्ली महिला आयोग अध्यक्ष स्वाति जयहिंद ने यूजीसी को कहा है कि वह इस मामले में 10 दिन के अंदर कॉलेज प्रशासन के साथ मीटिंग कर छात्राओं के हित में प्रस्ताव पारित करें। उन्होंने मीटिंग के मिनट्स भी आयोग भेजने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि कॉलेज के लड़कियों के हॉस्टल की फीस लड़कों के हॉस्टल के मुकाबले में ज्यादा है।
इस कारण से लड़कियों के साथ भेदभाव हो रहा है। इस मामले में जवाबदेही तय होनी चाहिए। उल्लेखनीय है कि आयोग की ओर से इस मामले में मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावेड़कर को भी पत्र लिख समस्या का हल निकालने की अपील की थी। आयोग की अध्यक्ष स्वाति जयहिंद के मुताबिक इस मामले पर मंत्रालय ने यूजीसी को रिपोर्ट भेजने के लिए भी कहा है।