हाईकोर्ट ने 13 वर्षीय बच्चे को छठीं कक्षा में दाखिला न देने पर दिल्ली सरकार से जवाब मांगा है। न्यायमूर्ति वीके राव ने सरकार को चार सप्ताह में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
याची ने अदालत को बताया कि वह कक्षा 1 से पांचवीं तक एक मदरसे में पढ़ा है। वह सरकारी स्कूल में छठीं कक्षा में दाखिला लेने गया तो अधिक उम्र का बहाना बनाकर उसे दाखिला देने से इंकार कर दिया गया।
दिल्ली सरकार के वकील ने अदालत में कहा कि छात्र को विशेष प्रशिक्षण देने के बाद आठवीं कक्षा में दाखिला देने को तैयार है। अदालत ने कहा कि वह छात्र को क्या प्रशिक्षण देना चाहती है इस बारे में अपना जवाब में स्पष्ट बताए। वहीं, याची ने कहा कि उसे दाखिला न देना उसके शिक्षा के अधिकार का उल्लंघन है।