दिल्ली विश्वविद्यालय में अराजकता की स्थिति है और प्रोफेसरों को धमकी देने वाले छात्रों पर कार्रवाई के बजाय विश्वविद्यालय प्रशासन शुतुरमुर्ग की तरह व्यवहार कर रहा है। यह तल्ख टिप्पणी मंगलवार को याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने की है।
जस्टिस सिद्धार्थ मृदुल व दीपा शर्मा की खंडपीठ ने कहा कि डीयू इन छात्रों पर कार्रवाई के बजाय शुतुरमुर्ग की तरह अपनी गर्दन रेत में घुसाए हुए है। अराजकता फैलाने वाले छात्रों को विश्वविद्यालय में खुला घूमने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
हाईकोर्ट ने यह टिप्पणी डीयू की लॉ फैकल्टी की डीन प्रोफेसर वेद कुमारी व अन्य प्रोफेसरों को छात्रों द्वारा पिछले साल धमकी दिए जाने के मामले में जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए की है।