समय रहते हरियाणा स्कूल शिक्षा बोर्ड ने अपनी पुरानी भूल को सुधार लिया है। कॉलेजों में दाखिले की दौड़ शुरू होने के साथ बोर्ड ने 12वीं कक्षा की अंक तालिका में 80 प्लस 20 अंक दर्शाने का निर्णय लिया है।
पिछले सत्र में हरियाणा बोर्ड थ्योरी, इंटरनल और प्रैक्टिकल अंक दर्शाए थे। इससे भारी असमंजस की स्थिति बनी। इसका खामियाजा विद्यार्थियों को भुगतना पड़ा। लेकिन, इस बार ऐसा नहीं होगा। बोर्ड ने अपने पैटर्न में बदलाव कर दिया है।
बता दें प्रैक्टिकल अंक को लेकर पिछली बार दिल्ली विश्वविद्यालय(डीयू) ने हरियाणा बोर्ड के विद्यार्थियों पर कड़ा रुख अपनाया था। विश्वविद्यालय की ओर से हरियाणा बोर्ड से 12वीं पास छात्रों के 10 फीसदी नंबर काटकर मेरिट लिस्ट बनाई थी।
इस कारण कई छात्र डीयू में दाखिले से वंचित रह गए थे। पिछले सत्र में प्रैक्टिकल नंबर को लेकर दिल्ली विश्वविद्यालय में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों को काफी दिक्कत आई थी। इसका मुख्य कारण बोर्ड द्वारा अलग-अलग अंक दर्शाना था।
बोर्ड ने अपनी अंक तालिका में 60 प्लस 20 तथा प्लस 20 अंक दर्शाए थे। इससे असमंजस की स्थिति बनी रही। इनमें से 60 अंक थ्योरी, 20 अंक प्रैक्टिकल और 20 अंक इंटरनल के थे।
जबकि, सीबीएसई के छात्रों को केवल थ्योरी के 70 और प्रैक्टिकल के 30 अंक मिलते हैं। विद्यार्थियों की परेशानी को देखते हुए हरियाणा शिक्षा बोर्ड ने तय किया है कि अब अंक तालिका के पैटर्न में बदलाव किया जाएगा।
जहां नंबर विद्यार्थियों को 60 प्लस 20 प्लस 20 के आधार पर ही दिए जाएंगे, लेकिन अंक तालिका में इसे 80 प्लस 20 के रूप में दर्शाया जाएगा।
बोर्ड ने अपनी अंक तालिका में बदलाव कर दिया है। अंक तालिका में बोर्ड अलग से 20 नंबर प्रदर्शित नहीं करेगा। यानी अंक तालिका में इंटरनल के नंबर अलग से नहीं दिखाए जाएंगे। -मीनाक्षी, प्रवक्ता हरियाणा स्कूल शिक्षा बोर्ड