दिल्ली यूनिवर्सिटी (डीयू) की पहली कट ऑफ अभी नहीं आई है, लेकिन डीयू की हाई कट ऑफ ट्रेंड छात्रों को परेशान करने लगी है। डीयू के कॉलेजों में दाखिले से नाउम्मीद छात्र एमडीयू (महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी) के कॉलेजों में पहुंचने लगे हैं। दिल्ली के छात्र बड़ी संख्या में गुड़गांव के कॉलेजों में ऑनलाइन आवेदन कर रहे हैं। लड़कियों की पहली पसंद गुड़गांव सेक्टर-14 स्थित गवर्नमेंट गर्ल्स कॉलेज है। वहीं लड़के सेक्टर-9 स्थित स्नातकोत्तर कॉलेज और द्रोणाचार्य कॉलेज में आवेदन कर रहे हैं।
बीते सालों में डीयू के हॉट कोर्स जैसे बीकॉम, बीएससी और बीए अंग्रेजी व अर्थशास्त्र ऑनर्स सरीके कोर्स का कटऑफ 98-100 फीसदी रहा है। जिसकी वजह से दिल्ली के छात्र परेशान हैं। कम अंक वाले के साथ 90 फीसदी से अधिक अंक वाले छात्र भी गुड़गांव के कॉलेजों का रुख कर रहे हैं। मुफ्त आवेदन होने की वजह से विद्यार्थी दो-तीन कॉलेजों में एक साथ पांच-छह कोर्स में आवेदन कर रहे हैं। सबसे ज्यादा आवेदन बीकॉम जनरल, बीकॉम ऑनर्स, बीएससी नॉन मेडिकल, बीए अंग्रेजी ऑनर्स और बीए अर्थशास्त्र के लिए किए जा रहे हैं।
सेक्टर-14 गवर्नमेंट गर्ल्स कॉलेज में आवेदन करने वाली दिल्ली के संगम विहार के अमृता पब्लिक स्कूल से 12वीं कक्षा (कॉमर्स) में 93 फीसदी अंक लाने वाली नैन मिश्र कहती हैं कि बीकॉम जनरल, बीकॉम ऑनर्स, बीए अंग्रेजी, बीए अर्थशास्त्र में एक साथ आवेदन किया है। डीयू में दाखिला मिलना तो मुश्किल है, लेकिन यहां तो मिल ही जाएगा।
बाहरी छात्रों की पहली पसंद है गुड़गांव
उच्चतर शिक्षा विभाग के मुताबिक गुड़गांव हरियाणा से बाहरी छात्रों के आवेदन के मामले में प्रदेश में नंबर एक पर है। कॉलेजों में इस बार ऑल इंडिया कोटे के तहत आरक्षित 15 फीसदी सीटों से अधिक आवेदन आने की उम्मीद है। अभी गुड़गांव में बीकॉम जनरल के लिए कुल 5802 आवेदन में 2457 आवेदन दिल्ली के है। बीकॉम ऑनर्स के 3689 आवेदन में 1417, बीएससी नॉन मेडिकल में 2123 आवेदन में 778, बीए अर्थशास्त्र में भी 200 से अधिक आवेदन दिल्ली के छात्रों के हैं।
दाखिला है आसान यहां
हरियाणा सरकार ने बाहरी छात्रों के लिए 15 फीसदी आरक्षित कर दिया है। जिसमें केवल बाहरी छात्रों को प्राथमिकता दी जाती है। इन सीटों के लिए कॉलेज में अलग से मेरिट लिस्ट बनाई जाएगी। जिसकी वजह से दिल्ली के छात्रों को आसानी से दाखिला मिल सकता है।
क्यों पसंद है गुड़गांव के कॉलेज
सेक्टर-14 स्थित गवर्नमेंट गर्ल्स कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल डॉ. अशोक दिवाकर कहते हैं कि कॉलेज की कनेक्टिविटी बेहतर है। मेट्रो और सीधे बस से भी छात्राएं पहुंच जाती हैं। छात्रों के लिए हॉस्टल का विकल्प है। डीयू के प्रमुख कॉलेजों की तरह मुख्य कोर्स यहां भी उपलब्ध हैं। डीयू की तरह अधिक कट ऑफ नहीं होने की वजह से 90 फीसदी से अधिक अंक वाले छात्रों को आसानी से दाखिला मिल जाता है।