बोर्ड परीक्षाओं में नकल पर नकेल कसने के लिए जिला प्रशासन द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। लेकिन फिर भी नकल करने वालों व नकल फेंकने वालों के हौसले लगातार बुलंद है। बृहस्पतिवार को नगराधीश प्रदीप अहलावत के नेतृत्व में उड़नदस्तों ने दिनभर छापेमारी की।
सीटीएम ने हिंदू सीनियर सेकेंडरी स्कूल में बने चार परीक्षा केंद्र, राजकीय मिडिल स्कूल नूंह व गर्ल्स स्कूल नूंह में बने परीक्षा केंद्रों पर छापेमारी की। हालांकि, प्रशासन की सतर्कता का असर इन परीक्षा केंद्रों पर स्पष्ट दिखाई दिया। नगराधीश को केवल एक नकलची हाथ लगा। जिसका मौके पर ही केस बना दिया गया।
नगराधीश प्रदीप अहलावत ने दावा किया कि शुरुआती दौर की अपेक्षा जिला प्रशासन के प्रयासों के चलते नकल पर रोक लगाने में बड़ी कामयाबी हासिल की गई है। नकल रहित परीक्षाएं आयोजित कराना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है।
जिसके लिए उपायुक्त मनीराम शर्मा के नेतृत्व में दर्जनभर टीमें गठित की गई हैं। जो भी परीक्षार्थी या अभिभावक नकल में संलिप्त पाए जाते हैं, उनके खिलाफ केस दर्ज करने में जरा भी कोताही नहीं बरती जाएगी।
जिले में अब तक करीब 100 केस दर्ज कराए जा चुके हैं, तो वहीं तीन युवकों को फर्जी परीक्षा देने के आरोप में जेल भेजा जा चुका है। हालांकि, मेवात में अभी तक एक भी फर्जी स्टाफ पक ड़ में नहीं आया है।
यदि इस प्रकार का कोई मामला सामने आया, तो जिसकी ड्यूटी लगी हुई है, उसके तथा जो फर्जी स्टाफ बना है, उसके भी खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। साथ ही ड्यूटी पर तैनात अध्यापक को अपनी नौकरी से हाथ भी धोना पड़ सकता है। नगराधीश ने परीक्षार्थियों व अभिभावकों से आह्वान किया कि नकल रहित परीक्षा आयोजित कराने में प्रशासन का सहयोग करें।