विकसित देशों में शुमार फ्रांस के बच्चे गुरुग्राम में वैदिक गणित का ककहरा सीख रहे हैं। स्टूडेंट एक्सचेंज कल्चरल प्रोग्राम के तहत सुशांत लोक स्थित दिल्ली पब्लिक स्कूल में आए फ्रांस के बच्चों को गणित की बुनियादी ट्रिक समझाई जा रही है।
‘फेस्टिवल’ थीम पर आयोजित शैक्षणिक यात्रा पर आए फ्रांसीसी छात्रों को यहां के संस्कृति और सभ्यता से भी रूबरू कराया जा रहा है। फ्रांस के अम्बर्ट शहर के सेंट जॉसेफ कॉलेज के अलग-अलग कक्षाओं के 9 विद्यार्थियों व दो शिक्षकों का एक दल भारतीय संस्कृति और वैदिक गणित को समझने के लिए 29 नवंबर को दिल्ली पब्लिक स्कूल सुशांत लोक पहुंचा है।
इसमें मुख्य फोकस भारतीय विविधता के बीच अलग-अलग प्रदेशों की त्योहार और उनकी सामाजिक समरसता पर है। इसके लिए हर भारतीय विद्यार्थी को साथ एक फ्रांसीसी विद्यार्थी को जिम्मा दिया गया। उन्हीं के घर में रहकर फ्रांसीसी विद्यार्थियों ने भारतीय घरों के खाने के जायके के साथ रोजमर्रा की व्यवस्था के बारे में जानने में लगे हुए हैं।
स्कूल की इंटरनेशनल प्रोग्राम को-ऑर्डिनेटर रजनी दीक्षित का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय प्रोग्राम के तहत ये छात्र यहां आए हैं। कुछ दिनों बाद स्कूल के कुछ चयनित विद्यार्थी फ्रांस जाएंगे। वे वहां की संस्कृति और शैक्षणिक व्यवस्था के बारे में जानकारी हासिल करेंगे।
फ्रांसीसी छात्रों को सुबह में योग, देसी खाना और इसी तरह से रहने के बारे में बताया गया है। गणित की शिक्षिका गरिमा डागर द्वारा वैदिक गणित के जरिये सवालों को आसानी से हल करने के ट्रिक बताए गए हैं।
प्रदूषण से परेशान
फ्रांस से आए शिक्षकों व छात्रों को विविधता में एकता तो पसंद आया, लेकिन वे गुरुग्राम की आबोहवा में प्रदूषण और खराब सड़कों से दु:खी हैं। फ्रांस से आए शिक्षक नैथली कवेंजा कहती हैं कि यहां प्रदूषण का स्तर बहुत है।
सांस लेने में दिक्कत हो रही है। सड़कें भी ठीक नहीं है। लोग गलत तरीके से ड्राइविंग करते हैं। छात्रा जूलियट और अन्नेट का कहना है कि प्रदूषण काफी है, लेकिन यहां आकर अच्छा लगा। खाना बहुत मसालेदार है।