दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदू कॉलेज ने कॉलेज का गेट बंद किए जाने को लेकर विद्यार्थियों के खिलाफ सख्ती दिखाई है। कॉलेज प्रशासन ने 14 विद्यार्थियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
नोटिस में कहा गया है कि क्यों न उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। विद्यार्थियों का आरोप है कि प्रशासन ने कॉलेज हॉस्टल फीस को लेकर किए जा रहे विरोध को दबाने के लिए यह कदम उठा है।
नोटिस में कहा गया है कि विद्यार्थियों द्वारा कॉलेज गेट बंद किए जाने से स्टाफ और प्रिंसिपल कॉलेज में काफी देर तक बंद रहे। ऐसे में क्यों न उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।
इस पूरे मामले में विद्यार्थियों का कहना है कि वह कॉलेज के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं और प्रिंसिपल से मिलना चाह रहे हैं लेकिन प्रिंसिपल नहीं मिल रही है। कॉलेज ने विरोध कर रहे विद्यार्थियों के अभिभावकों को भी बुलाया है।
छात्र इस नोटिस को पूरी तरह से आधारहीन बता रहे हैं। बताया जा रहा है कि एक छात्रा ने नोटिस का लिखित जवाब भी दे दिया है। जिसमें उसने कहा है कि सभी गेट बंद करना मेरे लिए असंभव है।
कॉलेज यदि और जवाब मांगेगा तो दे दिए जाएंगे। उल्लेखनीय है कि हिंदू कॉलेज के लड़कियों के लिए तैयार किए गए हॉस्टल की फीस लड़कों के हॉस्टल फीस से ज्यादा है। जहां लड़कियों के हॉस्टल की फीस 90 हजार है तो लड़कों की 58 हजार है। बीते कई दिनों से विद्यार्थी फीस कम करने के लिए प्रदर्शन करते आ रहे हैं।