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दिल्ली यूनिवर्सिटी में नहीं दिखाए जाएंगे राष्ट्रवाद पर आधारित चार नाटक

Sat, 01 Apr 2017 09:20 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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दिल्ली विश्वविद्यालय
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दिल्ली विश्वविद्यालय के रामजस कॉलेज में नुक्कड़ नाटक फेस्टिवल मुखातिब 2017 में चार नाटकों को रद कर दिया गया। शुक्रवार को शुरू होने वाले इस फेस्टिवल में राष्ट्रवाद पर आधारित सात नाटक होने थे।
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बताया जा रहा है कि इनमें से चार नाटक ऐसे थे जिसकी स्क्रिप्ट को लेकर प्रशासन को आपत्ति थी। कॉलेज को इन नाटकों के आयोजित होने पर विरोध की आशंका थी। लिहाजा प्रशासन ने इन नाटकों के लिए मंजूरी नहीं दी।

कॉलेज प्रिंसिपल ने नाटक रद किए जाने की बात से इंकार किया है, उनका कहना है कि नाटक नहीं करने का निर्णय स्वयं छात्रों का था। कॉलेज में मुखातिब 2017 के लिए किरोड़ीमल कॉलेज के एक ओर दुर्घटना, दयाल सिंह कॉलेज (सांध्य) जोकिस्तान, गार्गी कॉलेज के मैं कश्मीर और आप, लेडी श्रीराम कॉलेज के एक शून्य नौ चार, मिरांडा हाउस के हादसा-पैदाइश, एसजीटीबी खालसा कॉलेज के द ट्रंप कार्ड व श्री गुरु गोबिंद सिंह कॉलेज ऑफ कॉमर्स के सवाल तो उठेगा, नाटकों को शॉर्टलिस्ट किया गया था।
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दिल्ली यूनिवर्सिटी
कॉलेज की ड्रामेटिक सोसाइटी की ओर से आयोजित इस फेस्टिवल में सिर्फ एलएसआर कॉलेज, मिरांडा हाउस व किरोड़ीमल कॉलेज के नाटक को दिखाने की मंजूरी दी गई।

कॉलेज की ड्रामेटिक सोसाइटी की एक सदस्य के मुताबिक बृहस्पतिवार को हमें सभी नाटकों की स्क्रिप्ट सुनाने को कहा गया। जिसके बाद हमें सिर्फ तीन नाटकों के लिए मंजूरी दी गई। शुक्रवार को इस फेस्टिवल के अंर्तगत  किरोड़ीमल कॉलेज व मिरांडा हाउस कॉलेज के ही नाटक हुए।

एलएसआर कॉलेज स्वयं से पीछे हट गया। इन नाटकों के दौरान छात्रों ने हाथ पर पट्टी व मुंह पर टेप लगाकर विरोध प्रदर्शित किया। कॉलेज के कार्यवाहक प्रिंसिपल पी.सी तुलसियान ने मंजूरी नहीं दिए जाने के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि छात्रों ने स्वयं ही तय किया कि वह नाटकों को नहीं करेंगे।

उन्होंने कहा कि तीन नाटकों में से भी छात्रों ने दो ही नाटक किए। उल्लेखनीय है कि बीती फरवरी में रामजस कॉलेज के अंग्रेजी विभाग की ओर से आयोजित एक सेमिनार में जेएनयू के छात्र नेता उमर खालिद और शेहला राशिद को वक्ता के रूप में बुलाने को लेकर शुरू हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया था।
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