फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मेडिकल पीजी में एडमिशन को अब इस तरह जमा होगी फीस, यहां मिलेगी फीस की सारी जानकारी

Fri, 31 Mar 2017 09:44 PM IST
आफताब अजमत/अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
विज्ञापन
 
विज्ञापन
अगर आप एमडी या एमएस में दाख‌िले के ल‌िए जा रहे हैं तो अब आपको इस तरह से फीस भरनी होगी। साथ ही आपको कॉलेज एक व्यवस्‍था के तहत फीस की पूरी जानकारी भी देगा।

प्रदेशभर में चार अप्रैल से शुरू होने जा रही एमडी, एमएस की नीट पीजी काउंसिलिंग में फिलहाल निजी कॉलेजों को पुरानी फीस पर ही दाखिले करने होंगे। साथ ही, कॉलेजों को फीस का पूरा ब्योरा वेबसाइट पर भी जारी करना होगा। शुल्क निर्धारण समिति के फैसले के बाद शुल्क का नया नियम लागू होगा।
विज्ञापन


काउंसिलिंग को लेकर एचएनबीमेडिकल यूनिवर्सिटी ने हिमालयन मेडिकल कॉलेज को पत्र जारी किया तो उधर, काउंसिलिंग से संबंधित एमसीआई रेगुलेशन के खिलाफ बृहस्पतिवार को हिमालयन कॉलेज(एसआरएचयू) ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी। 

सूबे के सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में इस साल मेडिकल पीजी सीटों पर दाखिले के लिए सेंट्रलाइज काउंसिलिंग चार अप्रैल से शुरू होने जा रही है। इससे पहले शासन स्तर पर कॉलेजों पर पूरी सख्ती की जा रही है।

इसके तहत चिकित्सा शिक्षा सचिव डी सेंथिल पांडियन ने आदेश जारी किया है कि कॉलेजों को फीस का ब्योरा वेबसाइट पर जारी करना होगा। इस साल केवल पुरानी फीस पर ही एमडी, एमएस के प्रवेश होंगे। शुल्क निर्धारण समिति का फैसला आने के बाद नया शुल्क ढांचा लागू होगा।
विज्ञापन

हिमालयन मेडिकल कॉलेज गया हाईकोर्ट

जो कॉलेज नियम नहीं मानेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। वहीं, सीटों और शुल्क का ब्योरा उपलब्ध न कराने पर बृहस्पतिवार को एचएनबी मेडिकल यूनिवर्सिटी के कुलसचिव डॉ. आशुतोष सयाना ने हिमालयन मेडिकल कॉलेज जौलीग्रांट को नोटिस जारी किया। इसमें 31 मार्च को दोपहर एक बजे तक ब्योरा मांगा गया है।

मेडिकल पीजी सीटों पर राज्य सरकार की ओर से कॉमन काउंसिलिंग संबंधित मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के रेगुलेशन के खिलाफ बृहस्पतिवार को हिमालयन मेडिकल कॉलेज ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।

स्वामी राम हिमालयन यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. विजय धस्माना ने बताया कि संविधान के नियमों के हिसाब से एमसीआई को इस तरह का रेगुलेशन पास करने का अधिकार नहीं है।

उन्होंने बताया कि चूंकि समय कम है, लिहाजा राज्य सरकार की कॉमन काउंसिलिंग से प्रवेश किए जाएंगे, लेकिन इसमें हाईकोर्ट के आर्डर की शर्त भी रहेगी। उच्च न्यायालय जो भी फैसला देगा, वह मान्य होगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें