ग्रेटर नोएडा में चल रहे गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों का आलम यह है कि पांचवीं और आठवीं तक तो छोड़िए अब गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों में विद्यार्थियों के जीवन से खिलवाड़ करते हुए नौवीं और दसवीं तक बोर्ड की पढ़ाई भी करा रहे हैं।
जेवर ब्लॉक में बृहस्पतिवार को खंड शिक्षा अधिकारी ने औचक निरीक्षण में इस तरह चल रहे चार गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों को बंद कराया गया है।
एबीएसए की अध्यक्षता में टीम ने दयानंद पब्लिक स्कूल नीमका पर छापेमारी की। विद्यालय में बच्चों के लिए मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं थीं। विद्यालय में कक्षा 8 और 9 के बच्चों को भी पढ़ाया जा रहा था। इसके बाद टीम एमडी पब्लिक स्कूल चोरौली पहुंची।
यहां पर विद्यालय में कक्षा 10 तक के बच्चों को पढ़ाया जा रहा था। टीम ने दोनों ही विद्यालयों को बंद कराया। इसके बाद टीम अमन प्रकाश पब्लिक स्कूल चौरोली पहुंची। संचालक छापेमारी से पहले ही स्कूल बंद करके भाग खड़े हुए।
फिर केपीएस पब्लिक स्कूल के संचालक उदयवीर भी विद्यालय को बंद कर के वहां चले गए। चारों विद्यालयों को नोटिस दे दिया गया है। पिछले वर्ष बिसरख में इसी तरह से गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों में पढ़ रहे 30 से अधिक बच्चे दसवीं की परीक्षा नहीं दे पाए थे।
पूर्व में बंद कराए विद्यालय दोबारा हुए संचालित
जेवर में चिह्नित 33 गैर मान्यता प्राप्त विद्यालय में से पूर्व में टीम ने 15 विद्यालय बंद कराए थे। इनमें से बृहस्पतिवार को कार्रवाई करते हुए चार अन्य विद्यालय बंद कराए हैं। अब तक कुल 19 विद्यालयों पर कार्रवाई हुई है। हालांकि, जानकारी मिली है कि पूर्व में बंद कराए गए विद्यालय जीनियस पब्लिक स्कूल थोरा, सरस्वती बाल विद्यालय मंदिर थोरा, बोध मिशन विद्यालय थोरा का पुन: संचालन किया जा रहा है। एबीएसए सुनील दत्त मुदगल ने बताया कि यदि इनकी जांच में तथ्य सही पाया गया तो उन पर एक लाख रुपये जुर्माना लगेगा। इसके अलावा अगर प्रतिदिन स्कूल खुलता है तो दस हजार रुपये प्रतिदिन के हिसाब से जुर्माना लगाया जाएगा।
दो मान्यता प्राप्त स्कूलों में बसों की फिटनेस फेल
टीम ने जेवर में दो मान्यता प्राप्त स्कूल में भी छापेमारी की। इनमें आरजे पब्लिक स्कूल नीमका और एस्ट्यूट पब्लिक स्कूल जेवर के बसों की फिटनेस की जांच की गई। उसमें से अधिकतर बसों की फिटनेस नहीं थी। जिनके लिए भी नोटिस दिए जा रहे हैं।