जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव में पूर्व छात्रसंघ संयुक्त सचिव व एबीवीपी के पदाधिकारी सौरभ शर्मा अपने मत का प्रयोग नहीं कर सकेंगे। क्योंकि छात्रसंघ चुनाव के लिए चुनाव आयोग की ओर से जारी मतदाता सूची में सौरभ शर्मा का नाम शामिल नहीं है।
वहीं, सौरभ ने आरोप लगाया है कि मतदाता सूची में ऐसे मतदाताओं के नाम शामिल हैं, जो कि विश्वविद्यालय के छात्र नहीं हैं। खास बात यह है कि इस सूची में जेएनयू प्रबंधन द्वारा सस्पेंड किए गए रेप आरोपी अनमोल रतन का नाम भी शामिल है।
पूर्व छात्रसंघ संयुक्त सचिव सौरभ शर्मा ने मतदाता सूची से नाम न होने पर इसे वामपंथी छात्र संगठनों की साजिश करार दिया है। सौरभ का कहना है कि मतदान मेरा अधिकार है, इसलिए चुनाव आयोग जल्द से जल्द मेरे नाम को भी शामिल करते हुए मतदाता सूची दोबारा जारी करें।
वहीं, रेप आरोपी, जिसे विश्वविद्यालय ने सस्पेंड कर दिया है और कैंपस में आने पर रोक है लेकिन उसका नाम उस मतदाता सूची में शामिल है। वहीं, सौरभ ने मतदाता सूची के मतदाताओं के नाम पर भी सवाल खड़े किए है।
उन्होंने आरोप लगाया है कि इस सूची में कुछ ऐसे मतदाता भी शामिल हैं, जोकि जेएनयू के छात्र नहीं हैं। इसलिए इस पूरे मामले की जांच होनी चाहिए। बता दें कि मतदाता सूची में फिलहाल 8664 नाम शामिल हैं।
अनमोल रतन पर फैसला अभी नहीं : चीफ इलेक्शन कमिश्नर
चीफ इलेक्शन कमिश्नर इशिता मन्ना का कहना है कि सौरभ का नाम फिलहाल मतदाता सूची में नहीं है लेकिन नोटिस बोर्ड में सूचना दे दी गयी है, जिन छात्रों का नाम सूची में शामिल नहीं हैं, वे चुनाव आयोग आकर अपना नाम जुड़वा सकते हैं। वहीं, अनमोल रतन के मतदान का फैसला एडमिनिस्ट्रेशन ऑफिस करेगा।