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पसंदीदा कोर्स के लिए लगानी पड़ रही दिल्ली की दौड़

Sat, 18 Jun 2016 01:40 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
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- फोटो : अमर उजाला
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महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू)से संबंधित कॉलेजों में इस बार कोई नया कोर्स शुरू नहीं हुआ। कई ऐसे कोर्स हैं, जिनमें दाखिले के लिए शहर के छात्रों को दिल्ली या फिर निजी विश्वविद्यालयों की दौड़ लगानी पड़ रही है। दिल्ली से सटे फरीदाबाद में दो साल में एक भी नया कोर्स शुरू नहीं हुआ है। जिसके चलते छात्र परेशान हैं।
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सेक्टर 16 स्थित पंडित जवाहरलाल नेहरु कॉलेज शहर का सबसे बड़ा कॉलेज है। कॉलेज में बीएससी मैथ, कैमिस्ट्री, जूलॉजी और माइक्रोबायोलॉजी जैसे कोर्स शुरू करने की योजना तो बनी लेकिन कोई नया कोर्स शुरू नहीं हो पाया। छात्र कॉलेज तो पहुंच रहे हैं लेकिन मन मुताबिक कोर्स न मिलने के कारण उन्हें वापस लौटना पड़ रहा है।

इसी तरह राजकीय महिला कॉलेज में फैशन एंड इंटीरियर डिजाइन, फूड टेक्नोलॉजी, होम सांइस में स्नातक करने की इच्छुक छात्राओं को भी मायूसी हाथ लग रही है। सरकारी कॉलेज में सस्ती पढ़ाई के लिए छात्र इस कॉलेज का विकल्प अपनाती हैं लेकिन यहां भी लंबे अर्से से पुराने परंपरागत कोर्स संचालित हो रहे हैं। इसके चलते छात्राओं को निजी कॉलेजों का सहारा लेना पड़ रहा है।
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हरियाणा बोर्ड और सीबीएसई की परीक्षाओं में बेहतर अंक लाने वाले छात्रों को पसंद के कोर्स के लिए दिल्ली या फिर निजी कॉलेजों की तरफ जाना पड़ रहा है। सेक्टर-10 की रहने वाली प्रिया ने बताया कि  उन्होंने 12वीं 89 प्रतिशत से पास की है। उन्हें बीएससी कैमिस्ट्री से करनी हैं, लेकिन यह कोर्स किसी भी सरकारी कॉलेज में उपलब्ध नहीं है। उन्होंने डीयू में आवेदन किया है यदि वहां भी दाखिला नहीं होता तो मजबूरन निजी कॉलेज में दाखिला लेना पड़ेगा। निजी कॉलेजों में 60  से 80 हजार रुपये प्रति वर्ष फीस वसूली जाती है।

पोस्ट ग्रेजुएशन में भी गिने चुने कोर्स
पोस्ट ग्रेजुएशन के छात्रों को भी इस समस्या से जूझना पड़ रहा है। यहां के कॉलेजों में पोस्ट ग्रेजुएशन के लिए चुनिंदा कोर्स ही उपलब्ध हैं। जबकि कुछ कॉलेजों में पोस्ट ग्रेजुएशन का कोई विकल्प ही नहीं है। राजकीय महिला कॉलेज और सरकारी कॉलेज तिगांव, खेड़ी गुजरान आदि कॉलेज में स्नातक स्तर की पढ़ाई होती है। नेहरु कॉलेज में पोस्ट ग्रेजुएशन कोर्स एमए हिंदी, इंग्लिश, अर्थशास्त्र, हिस्ट्री और एमकॉम, एमएससी कोर्स का ही विकल्प है।

सेक्टर-16 स्थित नेहरु कॉलेज की प्रचार्या विमला विश्नोई का कहना है कि शहर के कॉलेजों में नए ऑनर्स व प्रोफेशनल कोर्स आने चाहिए। नए कोर्स के लिए कई बार एमडीयू से मांग की गई है, लेकिन पिछले दो सालों से कोई नया कोर्स किसी भी कॉलेज में शुरू नहीं किया जा रहा।
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