हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की 12वीं कक्षा में कम अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों का दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) दाखिला लेने का सपना पूरा नहीं हो जाएगा। वह इसकी दौड़ से तकरीबन पूरी तरह से बाहर हो चुके हैं। लगातार दूसरी बार जिले का परीक्षा परिणाचम काफी निचले स्तर पर रहा। शिक्षा विशेषज्ञों की मानें तो करीब 70 फीसदी विद्यार्थी डीयू के टॉप कॉलेजों से स्नातक नहीं कर पाएंगे। ऐसे में उनके पास महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) ही सबसे बड़ी उम्मीद है।
दिल्ली यूनिवर्सिटी में सोमवार से दाखिले की दौड़ सोमवार से शुरू हो रही है। इस बार भी पहली कटऑफ में 95 फीसदी से कम अंक प्राप्त करने वालों को दाखिला मिलना मुश्किल होगा। कटऑफ इससे भी अधिक हो सकती है। तीसरी कटऑफ में दाखिला प्रक्रिया करीब 85 से 90 ाप्रतिशत अंक पर आकर रुकती है। ऐसे में फरीदाबाद के 70 फीसदी विद्यार्थियों का दिल्ली विश्वविद्यालय में दाखिला पाने का सपना चकनाचूर हो गया है।
बृहस्पतिवार को 12वीं के घोषित परिणामों में जिले में 10,733 विद्यार्थियों में से सिर्फ 5137 विद्यार्थी पास हो पाए। पास प्रतिशत मात्र 47.86 प्रतिशत रहा है। वहीं जिला टॉपर का पास प्रतिशत 95.4 रहा है। ऐसे में माना जा रहा है कि महज 30 फीसदी विद्यार्थियों ने 80 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए है।
निजी कॉलेजों का सहारा
हरियाणा बोर्ड परीक्षा में कम अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को निजी कॉलेजों का सहारा लेना पड़ेगा। यहां 60 फीसदी से कम अंक वाले विद्यार्थियों को भी दाखिला मिलने की संभावना है। यहां विद्यार्थियों को पारंपरिक कोर्सेज करने के लिए भी भारी भरकम फीस अदा करनी होगी। इसके अलावा प्रदेश में इसी सत्र से शुरु होने वाले नए कॉलेजों में भी मौका मिल सकता है।
विद्यार्थियों के पास एमडीयू सबसे सुरक्षित विकल्प
बोर्ड परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थी महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय से संबंध कॉलेजों में आसानी से दाखिला हो जाएगा। हालांकि वह दिल्ली विश्वविद्यालय में दाखिले के लिए तैयारी कर रहे हैं। सोमवार से शुरू होने वाली प्रक्रिया के तहत रविवार को आवेदन के लिए तैयारी पूर्ण कर ली है। हालांकि कटऑफ ज्यादा जाने पर एमडीयू का ऑप्शन उनके पास रहेगा।