अमर उजाला फाउंडेशन द्वारा संचालित अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा-2016 फरीदाबाद में रविवार को आयोजित की गई। सेक्टर 15 ए स्थित विद्या मंदिर पब्लिक स्कूल में परीक्षा देने पहुंचे विद्यार्थियों में खासा उत्साह देखने को मिला। इसबार फरीदाबाद सहित सोहना, हथीन, पलवल, कोसी, नूंह आदि जिलों से 124 विद्यार्थियों ने छात्रवृत्ति के लिए आवेदन किया था।
परीक्षा का समय सुबह 10 बजे से था लेकिन सुबह 9 बजे से ही स्कूल के बाहर छात्र- छात्राएं अपने परिजनों के साथ पहुंचने शुरू हो गए। परीक्षा को देखते हुए स्कूल प्रिंसिपल आनंद गुप्ता ने व्यवस्थाओं को चाक चौबंद रखा। परीक्षा सुबह 10 बजे शुरू होकर 11:30 बजे संपन्न हुई।
परीक्षा में 9,10,11 और 12वीं के परीक्षार्थी शामिल हुए। स्कूल प्रबंधन की ओर से सुपरवाइजर सरनजीत कौर, सचिदानंद सिंह, रोमा सहगल, मीनाक्षी चौबे, सपना भाटिया, राजेश राणा ने परीक्षा संचालन की कमान संभाल रखी थी।
परीक्षार्थियों के अनुसार पेपर पाठयक्रम के अनुसार सही था जिसे हल करने में परीक्षार्थियों को परेशानी नहीं हुई। कई परीक्षार्थियों ने तय समय सीमा से पहले ही अपना पेपर समाप्त कर लिया।
परीक्षा के बाद चेहरों पर आई खुशियां
परीक्षा खत्म होने के बाद छात्र-छात्राओं के चेहरों पर काफी खुशी थी। पेपर छात्रों के अनुसार था। किसी भी छात्र या छात्रा को परीक्षा देने में कोई परेशानी नहीं हुई। इसलिए सभी छात्र एवं छात्राएं काफी प्रसन्न दिखाई दे रहे थे।
पेपर काफी अच्छा हुआ है। पेपर काफी सरल था। पाठ्यक्रम के अनुसार ही प्रश्र पूछे गए थे। अगर छात्रवृत्ति मिलती है तो परीक्षा देना सफल हो जाएगा।
अंजलि, 9वीं कक्षा
छात्रवृत्ति मिलती है तो अच्छी शिक्षा पाने में मदद मिलेगी। पढ़ाई में आ रही छोटी-मोटी कमियां दूर होंगी। परीक्षा अच्छी हुई है। अब देखो रिजल्ट क्या आता है।
दीक्षु, 10वीं कक्षा
छात्रवृत्ति की मदद से अपनी पढ़ाई का खर्चा अब मैं खुद उठा पाउंगा। पेपर काफी अच्छा हुआ है। छात्रवृत्ति मिलने की उम्मीद है।
मोहम्मद रिजवान, 11वीं कक्षा
पढ़ाई को आगे बढ़ाने में छात्रवृत्ति से काफी मदद मिलेगी। अमर उजाला के इस प्रयास से काफी जरूरतमंद छात्रों को काफी सहारा मिलेगा। छात्रवृत्ति की मदद से कोई भी छात्र शिक्षा से वंचित नहीं होगा।
प्रियंका, 12वीं कक्षा
मैं अपने परिवार को कुछ करके दिखाना चाहता हूं। अमर उजाला से अगर छात्रवृत्ति मिलती है तो पढ़ाई की काफी परेशानियां दूर होंगी। अमर उजाला का ये प्रयास काफी अच्छा है।
भूपन, 9वीं कक्षा