एकेटीयू की एमटेक परीक्षा में परीक्षार्थियों को प्रश्न पत्र बांटे नहीं जाएंगे। परीक्षार्थियों को छपे-छपाए प्रश्न पत्र के बजाय डिवाइस डिसप्ले पर पेपर देखने का मौका मिलेगा।
हालांकि सवालों के जवाब पहले की तरह उत्तर पुस्तिकाओं में ही लिखेंगे। परीक्षा हॉल में बैठे छात्रों को ठीक 10 बजे पेपर डिसप्ले पर दिखना शुरू हो जाएगा और एक बजे डिस्प्ले अपने आप बंद हो जाएगा।
एकेटीयू की ओर पहले सेमेस्टर में यह परीक्षण किया जाएगा। परीक्षण के लिए एमटेक के परीक्षार्थियों को चुना गया है। प्रदेश में करीब चार हजार एमटेक के छात्र-छात्राएं हैं।
विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक जेपी पांडेय ने बताया कि पहले चरण में इसे डिवाइस डिसप्ले से पेपर भेजा जाएगा। यह प्रयोग पेपर को आउट होने से तथा पेपर भेजने की प्रक्रिया में होने वाली परेशानियों को देखते हुए किया जा रहा है।
अगर जरूरत पड़ी तो इसे इंजीनियरिंग तथा अन्य कोर्स की परीक्षाओं में भविष्य में लागू किया जाएगा। हालांकि इसका फैसला परीक्षण का परिणाम देखने के बाद ही लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि एकेटीयू लगातार छात्रों के हित को देखते हुए नए-नए निर्णय ले रही है। शिक्षा में तेजी से सुधार किया जा रहा है।