निजी स्कूलों की मनमानी फीस मामले में जिला शिक्षा विभाग स्कूलों के फॉर्म 6 की जांच करेगा। इसके बाद बिना फॉर्म 6 के अनुचित तरीके से फीस बढ़ाने वाले निजी स्कूलों पर शिकंजा कसने की तैयारी है। इसके अलावा फीस एंड फंड रेग्युलेटरी कमेटी को इसकी रिपोर्ट सौंपी जाएगी।
जिला मौलिक शिक्षा विभाग के पास सीएम विंडो के माध्यम से फीस वृद्धि की 24 शिकायत प्राप्त हुई हैं। जिसमें से 15 शिकायत डीएवी स्कूल प्रबंधन से जुड़ी हैं। इसके अलावा शहर के अन्य नामी स्कूल की भी शिकायतें इसमें शामिल है। बताया जा रहा है कि इन स्कूलों ने 17 से 25 प्रतिशत तक फीस बढ़ाकर अभिभावकों की जेब पर बोझ बढ़ा दिया है।
ऐसे में अब जिला शिक्षा विभाग पता करने में जुट गया है कि इन स्कूलों ने 31 दिसंबर 2016 तक फॉर्म 6 भरा है या नहीं। फॉर्म 6 में स्कूलों को आय-व्यय का ब्यौरा देना होता है। इसके बाद इन पर नियमों के अनुरूप विभागीय कार्रवाई की जाएगी। हालांकि अतिरिक्त मुख्य सचिव ने सत्र की शुरुआत में फॉर्म 6 न भरने वाले स्कूलों को फीस न बढ़ाने के निर्देश दिए थे।
निजी स्कूलों की फीस वृद्धि मामले में सीएम विंडो के माध्यम से शिकायत मिली है। इन स्कूलों की फॉर्म 6 की जांच की जा रही है। जिन स्कूलों ने फॉर्म 6 नहीं भरा है, वह फीस नहीं बढ़ा सकते। मनमानी तरीके से फीस वृद्धि करने वाले स्कूलों पर कार्रवाई के लिए जांच शुरू कर दी है।
-सतेंद्र कौर, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, फरीदाबाद