हाईकोर्ट में याचिका दायर कर जेएनयू के वीसी पर विशेषज्ञ समिति को अंतिम रूप देने का अधिकार हड़पने का आरोप लगाया गया है। यह समिति जेएनयू में अध्यापकों की नियुक्ति करती है। जस्टिस एके पाठक ने याचिका पर जेएनयू को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। याचिका पर सुनवाई के लिये सात जुलाई की तारीख तय की गई है।
यह याचिका फैकल्टी सदस्य विष्णुप्रिया दत्त, जयंती घोष, रवि श्रीवास्तव, जी. अरुणिमा व रजनी मजूमदार ने दायर की है।
याचिका में आरोप लगाया गया है कि वीसी एम. जगदीश कुमार ने एक्सपर्ट पैनल में नये लोगों को शामिल करने का अधिकार हड़प लिया है। वह इस पैनल के विशेषज्ञों को उस चयन समिति में नामित करेंगे जो अध्यापकों की नियुक्ति करेगी।
याचिकाकर्ता की वकील वृंदा ग्रोवर ने कहा कि यूजीसी नियमों के तहत वीसी को स्वीकृत सूची में से ही विशेषज्ञों को चयन समिति में नामित करने का अधिकार है। कानूनन व नियमन उसके पास एक्सपर्ट पैनल में नये लोगों को शामिल करने का अधिकार नहीं है। वह ऐसे किसी व्यक्ति को चयन समिति में नामित नहीं कर सकता जो शैक्षणिक परिषद तथा कार्यकारी परिषद द्वारा स्वीकृत विशेषज्ञों की सूची में शामिल नहीं है।
याचिका में दावा किया गया है कि वीसी ने कार्यकारी परिषद की 22 नवंबर व शैक्षणिक परिषद की 26 दिसंबर 2016 की बैठक में पारित प्रस्ताव के जरिए यह अधिकार खुद ले लिया है। एक्सपर्ट पैनल में नये नाम शामिल करने के अधिकार लेकर वीसी ने गैर कानूनी, जेएनयू एक्ट व अध्यादेश के विरुद्ध कार्य किया है।