लगभग 4500 तदर्थ शिक्षकों की स्थायी नियुक्ति के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (डूटा) हरकत में आ गया है। डूटा की कार्यकारिणी ने इन शिक्षकों को स्थायी करने के संबंध में प्रस्ताव पारित कर अभियान चलाने का फैसला किया है।
लगभग सात घंटे चली डूटा कार्यकारिणी की विशेष बैठक में यह भी फैसला हुआ कि सभी कॉलेजों के स्टॉफ एसोसिएशन से भी सहमति ली जाएगी। दरअसल, तदर्थ शिक्षक बीते कई सालों से अस्थायी रूप में काम कर रहे हैं।
इनकी मांग है कि एक अधिनियम के द्वारा इन्हें स्थायी कर दिया जाए। इसके लिए शिक्षक संघ एक विशेष समिति का गठन करेगा और कॉलेज स्टॉफ एसोसिएशन व आम सभा की सहायता से भी राहत का मार्ग प्रशस्त किया जाएगा।
डूटा संयुक्त सचिव डॉ. राजेश झा ने बताया कि शुक्रवार देर रात तक चली डूटा कार्यकारिणी की बैठक में सभी संगठनों ने तदर्थ शिक्षकों की समस्या के हल पर जोर दिया। अब डूटा तदर्थ शिक्षकों की स्थायी नियुक्ति के लिए विशेष अभियान चलाएगी। स्टॉफ एसोसिएशन के पास शिक्षकों की मांग को भेजा जाएगा।