दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनावों में नामांकन प्रक्रिया समाप्त हो गई है। शनिवार को नाम वापस लिए जाने के बाद उम्मीदवारों की फाइनल सूची जारी कर दी जाएगी।
ऐसे में नामांकन प्रक्रिया संपन्न होने के बाद इन संभावित उम्मीदवारों को आचार संहिता का पाठ पढ़ाया गया। डूसू के दंगल में कूदने से पहले उन्हें आचार संहिता की एबीसी पता हो, इसके लिए डूसू मुख्य चुनाव अधिकारी ने उन्हें क्या करें या ना करें के बारे में बताया।
दिल्ली विश्वविद्यालय में डूसू चुनाव के लिए अधिसूचना जारी होते ही आचार संहिता को लेकर दिशा-निर्देश कर दिए जाते हैं। बावजूद इसके उम्मीदवार आचार संहिता का जमकर धज्जियां उड़ाते हैं।
लेकिन इस बार प्रशासन ने डूसू चुनाव को लेकर काफी सख्ती की है। मुख्य चुनाव अधिकारी प्रो डी.एस रावत ने नामांकन दाखिल करने वाले सभी उम्मीदवारों को चुनाव के विषय में सारी जानकारी दी।
उन्हें बताया कि अब तक उम्मीदवार अपने नाम से प्रचार कर रहे थे। अब नामांकन दाखिल हो जाने के बाद प्रशासन की खास नजर उन पर रहेगी। प्रो. रावत ने कहा कि उम्मीदवारों को बता दिया गया है कि आचार संहिता उल्लंघन के दोषी पाए जाने पर उनकी उम्मीदवारी भी रद़्द हो सकती है।
उम्मीदवारों को साफ कर दिया गया है कि वह प्रचार के लिए सही तरीके अपनाएं। मालूम हो कि चुनाव में प्रिटेंड पोस्टर, प्रिटेंड पंफलेट, व अन्य प्रिटेंड सामग्री का इस्तेमाल प्रतिबंधित है।