दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) चुनाव का प्रचार अभियान रविवार को बंद हो गया। मंगलवार को छात्र अपने प्रतिनिधियों को चुनाव करेंगे। आखिरी दिन कॉलेज बंद होने से छात्र संगठनों व नेताओं ने हॉस्टल्स में टोलियां बनाकर प्रचार किया। वहीं, अलग-अलग स्थानों पर छात्रों के साथ बैठकें कर अपने लिये वोट मांगे।
सोशल मीडिया का लिया जा रहा है सहारा
DUSU ELECTION
आखिरी दिन सोशल मीडिया पर भी छात्र संगठन और उनके नेता सक्रिय नजर आये। इस बार करीब 1.25 लाख छात्र मतदान करेंगे। जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव में लेफ्ट विचारधारा को मिली जीत के बावजूद डीयू में सीधी लड़ाई अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) और भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) के बीच ही मानी जा रही है।
हालांकि, तीसरे नंबर पर आइसा को माना जा रहा है। जेएनयू में लेफ्ट संगठनों की जीत के बाद डीयू में आइसा के उम्मीदवारों ने अंतिम समय में अपने प्रचार को तेज कर दिया है।
अपनी जीत पक्की समझ रहे हैं उम्मीदवार
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- फोटो : अमर उजाला
डूसू चुनाव का प्रचार खत्म होने के बाद छात्र नेता अपनी जीत पक्की करने के लिए अब बाबाओं की शरण में जा रहे हैं। चौंकिए नहीं, यह कोई धार्मिक या भविष्य बताने वाले बाबा नहीं हैं।
दरअसल, बीते कई सालों से डीयू की छात्र राजनीति में दखल रहने वाले पुराने छात्र नेताओं को डीयू में बाबा कहा जाता है। यह बाबा यूनिवर्सिटी के हॉस्टलों में रहते है। छात्र-छात्राओं का वोट पाने के लिए तमाम उम्मीदवार इन्हीं बाबाओं का सहारा ले रहे हैं।