दिल्ली देहात के अदिति, श्रद्धानंद, श्यामा प्रसाद मुखर्जी, भगिनी निवेदिता, शिवाजी कॉलेज में मतदान 2000 के आसपास रहता है। इसलिए माना जाता है कि इन कॉलेजों के मत अगर किसी एक उम्मीदवार के पक्ष में गिर जाएं तो वह हर स्थिति में मुकाबले में बना रहता है। कुछ यही हाल पूर्वी दिल्ली के श्याम लाल कॉलेज का भी है। इस कॉलेज में भी मतदान का आंकड़ा 1200-1500 के आसपास रहता है।
कैंपस कॉलेजों की बात करें तो रामजस, हिंदू, हंसराज, किरोड़ीमल औरि सत्यवती कॉलेज भी जीत में निर्णायक भूमिका निभाते हैं। जबकि साउथ कैंपस के कॉलेजों में श्री वेंकटेश्वर, पीजीडीएवी, श्री अरबिंदो, आत्माराम सनातन धर्म निर्णायक कॉलेज माने जाते हैं। माना जाता है कि यदि इन दर्जनभर कॉलेज के मतदाता मेहरबान हों तो किसी भी प्रत्याशी की जीत सुनिश्चित रहती है।