बीते साल अध्यक्ष व उपाध्यक्ष पद गंवाने वाली एबीवीपी भी जाट-गुर्जर व ग्लैमर कार्ड खेलने में पीछे नहीं है। अध्यक्ष पद पर एबीवीपी ने गुर्जर समुदाय के कोटला मुबारकपुर के रहने वाले अंकिव बिसोया को मैदान में उतारा है। संगठन ने उपाध्यक्ष पद पर यूपी बलिया के राजपूत शक्ति सिंह को प्रत्याशी बनाया है।
वह राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर बॉक्सिंग में कांस्य पदक जीत चुके हैं। सचिव पद पर एबीवीपी ने यमुनापार स्थित सभापुर गांव के सुधीर डेढ़ा को मैदान में उतारा है। वह गुर्जर समुदाय से आते हैं। सहसचिव पद पर जाट समुदाय की ज्योति चौधरी को टिकट दिया गया है।
वह दिल्ली की रहने वाली हैं। इसी तरह, सीवाईएसएस ने भी इन समीकरणों को ध्यान रखा है। सीवाईएसएस ने गुर्जर समुदाय के सन्नी तंवर को सचिव व सहसचिव पद पर ओबीसी प्रत्याशी चंद्रदेव मणि को मैदान में उतारा है।
आपसी कलह भी दिखाई दी
एबीवीपी में बीते दो साल से सुधीर डेढ़ा अध्यक्ष पद के लिए टिकट मांग रहे थे। उन्हें इस बार सचिव पद का टिकट दे दिया गया है। इस कारण वह खासे मायूस नजर आए। हालांकि एबीवीपी ने इस कलह को सामने नहीं आने दिया। वहीं एनएसयूआई में भी ऐसा ही देखने को मिला। दरअसल एनएसयूआई ने प्रज्ञा तोमर का नामांकन भी कराया था, लेकिन टिकट के समय लीना उन पर भारी पड़ गईं। बताया जा रहा है कि नाम वापसी के समय प्रज्ञा ने लीना का पर्चा फाड़ दिया था, लेकिन एनएसयूआई ने बातचीत कर उन्हें शांत करा दिया।