दिल्ली विश्वविद्यालय से पीएचडी कर रहे छात्रों की वर्क प्रोग्रेस अब ऑनलाइन देखी जा सकेगी। डीयू अब पीएचडी स्टूडेेंट की रिसर्च, थिसिस और उसके काम करने के तरीके समेत अन्य जानकारियों को ऑनलाइन अपडेट करेगा। इसके लिए अलग से एक वेबसाइट भी बनाई जा रही है।
हालांकि इसमें पीएचडी स्टूडेंट के रिसर्च के फैक्ट फाइडिंग को नहीं डाला जाएगा। डीयू के परीक्षा विभाग के मुताबिक, इस पोर्टल को बनाने का मकसद पीएचडी स्टूडेंट के काम को एक प्लेटफॉर्म पर लाना है।
अभी तक पीएचडी स्टूडेंट से संबंधित काम जैसे दाखिला, थिसिस, रिसर्च रिपोर्ट, हाजिरी, मार्क्स, साक्षात्कार, वाइवा और प्रोग्रेस रिपोर्ट समेत सभी काम मैनुअली किया जाता है। इसमें ढेर सारे काम की लिखित कागजी कार्रवाई होती है। इससे कई बार देरी भी हो जाती है।
डीयू अधिकारियों का कहना है कि सभी जानकारियां ऑनलाइन होने के कारण इससे जुड़े लोगों की जिम्मेदारी बढ़ेगी। सिर्फ पीएचडी स्टूडेंट को ही फायदा नहीं होगा, उन पर तय समय में काम करने का दबाव होगा, क्योंकि सब कुछ ऑनलाइन और पारदर्शी होगा। इसमें टाल-मटोल का रवैया नहीं चलेगा।
बताते चलें कि डीयू ने 2014 में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के साथ एक समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किए थे कि वह थिसिस और रिसर्च स्कॉलर के काम का डिजिटल डेटाबेस तैयार करेंगे। डीयू ने ये कदम उसी के तहत उठाया है। डीयू में कुल 27 विभाग हैं, जोकि आर्ट्स, कॉमर्स और विज्ञान समेत अन्य विषयों में पीएचडी कराते हैं।