दिल्ली विश्वविद्यालय के लक्ष्मीबाई कॉलेज के लगभग 70 तदर्थ शिक्षकों (एडहॉक टीचर्स) को अब तक ग्रीष्म अवकाश व जुलाई माह में पुर्ननियुक्ति के बाद का वेतन नहीं दिया गया है।
इस कारण से वे आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। वेतन नहीं मिलने के कारण शिक्षक लगातार लेखा विभाग व प्रिंसिपल कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं लेकिन उन्हें कोई आश्वासन नहीं मिल रहा।
काफी संख्या में तदर्थ शिक्षक ऐसे हैं जो किराए के मकानों में रहते हैं। एकेडमिक काउंसिल सदस्य प्रो हंसराज ने बताया कि लक्ष्मीबाई कॉलेज दिल्ली सरकार के अंतर्गत आता है। दिल्ली सरकार के 28 कॉलेजों में बीते अक्तूबर से गवर्निंग बॉडी नहीं है। इन कॉलेजों में लक्ष्मीबाई कॉलेज भी शामिल है। कॉलेज में प्रबंध समिति नहीं होने के कारण कॉलेजों में नियुक्ति, प्रमोशन और सैलरी की समस्याएं पैदा हो रही है।
प्रो सुमन ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को भी पत्र लिखकर मांग की है कि प्रबंध समितियां जल्द बनाई जाएं। कॉलेजों में गवर्निंग बॉडी बनने के बाद अपॉइंटमेंट, प्रमोशन और वेतन संबंधी समस्याओं से टीचर्स को जूझना नहीं पड़ेगा।
उन्होंने साफ किया कि यदि शिक्षकों को जल्द जुलाई माह और ग्रीष्म अवकाश का वेतन एक सप्ताह के अंदर नहीं दिया तो कॉलेज प्रिंसिपल का घेराव किया जाएगा साथ ही आंदोलन को तेज करते हुए विरोध प्रदर्शन होंगे।