दिल्ली विश्वविद्यालय में वर्तमान सत्र 2016-17 से च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम के अंतर्गत बीए ऑनर्स(इतिहास) व बीए प्रोग्राम इतिहास के पाठ्यक्रम को संशोधित कर दिया गया है।
इतिहास के संशोधित पाठ्यक्रम को लेकर अधिसूचना जारी की गई है। कुलपति से संशोधनों को लेकर मंजूरी मिलने के बाद यह तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं। उल्लेखनीय है कि पाठ्यक्रम में बदलाव के लिए जुलाई में हुई एकेडमिक काउंसिल की बैठक में सुझाव प्राप्त हुए थे।
इतिहास की अध्ययन सामग्री को विस्तार देते हुए है अन्य भारतीय लेखकों की प्रासंगिक सामग्री को भी पाठ्यक्रम में जोड़ा गया है। साथ ही अध्ययन सामग्री केतहत हिंदी माध्यम की रेफरेंस बुक बनाई गई हैं।
दरअसल बीती जुलाई में हुई एकेडमिक काउंसिल की बैठक में सदस्यों ने इतिहास केपाठ्यक्रम में एक ही विचारधारा के एकाधिकार को खत्म करने की बात उठाई थी।
साथ ही छात्रों को उनकी इच्छा के अनुरुप अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराने के लिए कहा था। सदस्यों से प्राप्त सुझावों पर कार्य करने के लिए काउंसिल ने कुलपति को अधिकृत किया था।
इतिहास विभाग की कमेटी ऑफ कोर्सेज की 12 अगस्त, 17 अगस्त व 18 सितंबर को हुई बैठकों के बाद सदस्यों के सुझावों को सीबीसीएस के अंतर्गत इतिहास के पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है।
कुलपति ने 19 सितंबर को इन्हें तत्काल प्रभाव से लागू करने की अनुमति दे दी है। संशोधित बदलावों के साथ पाठ्यक्रम को डीयू की वेबसाइट पर उपलब्ध करा दिया गया है।