दिल्ली विश्वविद्यालय में मेरिट लिस्ट के आधार पर शुरू हुए दाखिलों में अधिक अंक प्रतिशत वाले छात्रों को प्रशासन ने बड़ी राहत दी है। प्रशासन ने कॉलेजों को साफ कर दिया है कि किसी कॉलेज में दाखिला पा चुके छात्र को भी उन्हें दाखिला देना होगा, यदि उसके अंक मेरिट लिस्ट में जगह बनाने वालों से ज्यादा हों।
इस तरह से यदि किसी दाखिला पा चुके छात्र ने बची सीटों के लिए आवेदन किया और उसके मेरिट वालों से अधिक अंक हैं तो उसे सीट मिलेगी। दरअसल, दाखिले के पहले दिन ऐसे काफी छात्र परेशान रहे जिनके अधिक अंक प्रतिशत होने के बावजूद मेरिट लिस्ट में उन्हें जगह नहीं मिली।
डीन स्टूडेंट वेलफेयर प्रो. जे.एम खुराना की ओर से कॉलेज प्रिंसिपल को पत्र लिख कर कहा गया है कि वह दाखिले पूरी तरह से मेरिट पर होंगे और इसमें पहले आओ पहले पाओ के आधार की नीति नहीं चलेगी।
यदि किसी कॉलेज ने किसी कोर्स की मेरिट 95 फीसदी निकाली है और उस कॉलेज में 95 फीसदी से अधिक वाले ने भी आवेदन किया है तो कॉलेज को दाखिला देना होगा।
प्रिंसिपल को स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि 12वीं में पुनर्मूल्यांकन के बाद जिन छात्रों के अंकों में बढ़ोतरी हुई है उन्हें भी दाखिले से मना नहीं किया जा सकता है।
इसके साथ ही इंटरनेशनल बैकलॉरेट के 12वीं के नतीजे 6 जुलाई को जारी हुए हैं। यहां से पढ़े कई ऐसे छात्र हैं जिनके अंक 95 फीसदी से अधिक अंक हैं। ऐसे छात्रों को भी मेेरिट में प्रवेश के लिए विचार करना होगा।