दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनावों में चेहरों के चयन का खेल शुरू हो गया है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने तो अपने लगभग 15 उम्मीदवारों के नाम तय कर लिए हैं लेकिन एनएसयूआई फ्रैश और 'ग्लैमर चेहरे व योग्य प्रत्याशी उतारने के फेर में है।
इसके लिए लगभग दस नाम शॉर्ट लिस्ट किए गए हैं। दोनों ही संगठन टिकट पाकर चेहरे बनने वाले उम्मीदवारों को लेकर नामाकंन से पहले पत्ते नहीं खोल रहे हैं।
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव किसी भी चुनाव से पहले का सेमीफाइनल माना जाता है। अगले साल दिल्ली में नगर निगम के चुनाव होने हैं। ऐसे में दोनों मुख्य संगठन एनएसयूआई व एबीवीपी काफी सोच समझकर रणनीति तैयार कर रहे हैं।
इस रणनीति के तहत प्रत्याशियों का चयन भी ध्यान से किया जाएगा। इसके लिए संगठन फूंक-फूंक कर कदम रख रहे हैं। दिल्ली विवि में डूसू चुनावों को लेकर माहौल तो गरमा गया है लेकिन प्र्रचार के अलावा कोई भी संगठन अपने प्रत्याशियों के चेहरों को सामने लाने को तैयार नहीं है।
हालांकि एबीवीपी ने अपने संभावित उम्मीदवारों के नाम तय कर लिए हैं। एबीवीपी ने तो बीते सप्ताह 15 नामों के सहारे अपने प्रचार अभियान को शुरू कर दिया है।
एबीवीपी के राष्ट्रीय संयोजक साकेत बहुगुणा ने बताया कि इन सभी 15 उम्मीदवारों का नामाकंन कराया जाएगा। जिसके बाद ही चार उम्मीदवारों के नाम पर मुहर लगेगी। एबीवीपी की ओर से प्रचार के लिए इन संभावित प्रत्याशियों को ही कॉलेज-कॉलेज प्रचार के लिए भेजा जा रहा है।
वहीं, एनयूएसआई में उम्मीदवारों के नाम तय करने के लिए बैठकें जारी है। बताया जा रहा है कि एनएसयूआई ने अभी दस उम्मीदवारों को तो शॉर्ट लिस्ट किया है। एनएसयूआई के पास दावेदार भी बहुत हैं लेकिन संगठन उनमें से नामों को तय नहीं कर पा रहा है।
प्रदेश कार्यालय तक संभावित उम्मीदवार टिकट पाने के लिए ऐडी चोटी का जोर लगा रहे हैं। कहा जा रहा है कि अगले एक से दो दिन में एनएसयूआई के संभावित उम्मीदवारों के नाम भी सामने आने लगेंगे। वैसे एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने भी डीयू में प्रचार में पूरा जोर लगाया हुआ है।