दिल्ली विश्वविद्यालय ने यूजीसी की ओर से तैयार किए गए एमफिल व पीएचडी ड्रॉफ्ट पर लोगों से सुझाव लेने की दिशा में कदम बढ़ाया है। डीयू ने इसके लिए ड्रॉफ्ट को ऑनलाइन उपलब्ध कराया है। इस पर शिक्षक व अन्य हितधारक सुझाव दे सकते हैं।
इसके लिए समय सीमा 5 अक्तूबर तक रखी गई है। सुझाव मिलने के बाद सभी विभागों के डीन के साथ बैठक होगी। बैठक में इन सुझावों को किस तरह से शामिल करना है, इस पर विचार होगा।
यूजीसी की ओर से जुलाई में एमफिल व पीएचडी को लेकर गाइडलाइन दी गई है। इसमें कई तरह के नए प्रावधानों को जोड़ा गया है। ऐसे में डीयू चाहता है कि इस पर लोगों से सुझाव लिए जाएं।
अधिकारियों के अनुसार, एमफिल व पीएचडी को लेकर यूजीसी की गाइडलाइन को मानना है। ऐसे में किसी सुझाव या सुधार की गुंजाइश के लिए ड्रॉफ्ट को ऑनलाइन किया गया है। सुझावों के आधार पर बेसिक सुधार की गुंजाइश हुई तो वह किए जाएंगे।
पांच अक्तूबर तक सुझाव प्राप्त होने के बाद इन पर सभी विभागों के साथ एक बैठक होगी। इसके बाद एक अंतिम ड्रॉफ्ट बनाकर उसे डीयू की एकेडमिक व एग्जिक्यूटिव काउंसिल की बैठक में पास कराने के लिए रखा जाएगा।