एकेटीयू प्रदेश की हाइटैक यूनिवर्सिटियों में शामिल है और सबसे बड़ी भी है। मगर पिछले कई माह से सोशल साइट टिवटर को यूनिवर्सिटी की ओर से प्रयोग नहीं किया है। हालांकि दूसरी सोशल साइट फेस बुक का प्रयोग किया जा रहा है।
दरअसल, यूनिवर्सिटी ने सोशल साइटस को छात्र-छात्राओं की समस्याओं के लिए शुरू किया था। इससे न सिर्फ छात्रों की परेशानी दूर होती बल्कि फीड बैक से लेकर अन्य मामलों की भी जानकारी यूनिवर्सिटी को मिलती रहती।
कॉलेजों से संबंधित जानकारी भी सोशल मीडिया के माध्यम से छात्रों को तत्काल मिलती। इसके अलावा दो यूनिवर्सिटी दो और नए पोर्टल शुरू करने की योजना बना रहा है।
मगर जब पुराने पोर्टल और सोशल साइटस का पूरा प्रयोग नहीं हो पा रहा है तो ऐसे में नए पोर्टल या तकनीकी का क्या लाभ है। एकेटीयू के परीक्षा नियंत्रक जेपी पांडेय ने बताया कि टिवटर सक्रिय नहीं है इसकी जानकारी उनको नहीं है।
अगर ऐसा है तो उसे सक्रिय कराया जाएगा। बल्कि दो नए पोर्टल भी जल्द ही शुरू किए जाएंगे। जिससे छात्र-छात्राओं की समस्याओं को दूर कराया जा सके।
उन्होंने बताया कि यूनिवर्सिटी लगातार छात्र हित में नए-नए आयाम स्थापित कर रही है। भले ही वह रोजगार से संबंधित हो या शिक्षा से जो भी उसे बेहतर करने का प्रयास जारी है।