दिल्ली विश्वविद्यालय की कटऑफ में दिल्ली के छात्रों को पांच फीसदी रियायत देने की मांग को लेकर दिल्ली के उपमुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी को पत्र लिखा है।
सिसोदिया ने पत्र के माध्यम से उनका ध्यान इस और दिलाया है कि दिल्ली के छात्रों को दाखिला नहीं मिलता है। उन्होंने दाखिला नहीं मिल पाने का जिम्मेदार डीयू की दाखिला प्रक्रिया को बताया है।
उन्होंने पत्र में कहा है कि डीयू में दाखिले के लिए एक टेस्ट लिया जाना चाहिए और दिल्ली के छात्रों को कटऑफ में पांच फीसदी की छूट मिलनी चाहिए। कटऑफ के आधार पर दाखिले होने के कारण कई ऐसे प्रतिभावान बच्चे होते हैं जिनके अच्छे अंक होने पर भी वह दाखिला नहीं पा पाते।
वहीं विभिन्न राज्य बोर्ड के छात्र कई कारणों से ज्यादा अंक पाते हैं। इनमें से एक कारण हाल ही में गुजरात और बिहार बोर्ड के टॉपर्स घोटाले के रुप में सामने आया है। ऐसे घोटालों का खामियाजा दिल्ली के छात्रों को भुगतना पड़ता है।
उन्होंने पत्र में कहा है कि इस समस्या के समाधान के लिए डीयू दाखिला प्रक्रिया में बदलाव की जरूरत है। सभी के लिए टेस्ट हो जिससे कि सभी राज्यों के बच्चों को प्रतिभा के आधार पर दाखिला मिल सके।
वहीं उन्होंने पत्र में बताया है कि दिल्ली सरकार 300 करोड़ वार्षिक डीयू के 28 कॉलेजों को दे रही है। इसलिए इन 28 कॉलेजों में प्राथमिकता देते हुए 5 अंक वेटेज के रुप में दिए जाने की जरूरत है। इन कॉलेजों में यह व्यवस्था इसी सत्र से शुरू कराने के लिए कहा है।