हाईकोर्ट ने एलएलबी कोर्स में प्रवेश लेने के इच्छुक छात्रों को राहत प्रदान कर दी। अदालत ने दिल्ली विश्वविद्यालय को इस वर्ष एलएलबी की 2310 सीटों पर छात्रों को दाखिला प्रदान करने का निर्देश दिया है।
न्यायमूर्ति मनमोहन और न्यायमूर्ति विनोद गोयल की खंडपीठ ने अपने अंतरिम आदेश में डीयू को यह निर्देश दिया है। बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) ने शैक्षणिक सत्र 2017-18 में एलएलबी कोर्स के लिए मात्र 1440 सीटों पर दाखिला तय किया था और वकील व छात्रों ने इस निर्णय को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। खंडपीठ ने अपने फैसले में कहा कि सीटों की संख्या कम मत करो। छात्र पढना चाहते हैं, उन्हें पढ़ने दें।
अदालत ने बीसीआई से कहा डीयू का संकाय इस कोर्स में सबसे अच्छों में से एक हैं वह पाठ्यक्रम के लिए बेहतरीन सुविधाएं प्रदान कर रहा है, उन्हें मौका दो। अदालत ने मामले की सुनवाई 21 अगस्त तय कर दी। अधिवक्ता जोगिंदर कुमार सुखीजा ने बीसीआई के एलएलबी की सीटों की संख्या 1440 निर्धारित करने के फैसले को चुनौती दी थी। उन्होंने कहा था कि इस निर्णय से बड़े स्तर पर छात्र प्रभावित होंगे।
डीयू ने भी एलएलबी की सीटें कम करने के निर्णय के खिलाफ तर्क रखा था कि उसने अपने बुनियादी ढांचे में सुधार किया है और फैकल्टी में टीचिंग में भी बढ़ोतरी की है। हाल ही में अदालत ने बीसीआई को इस मुद्दे पर डीयू के ज्ञापन पर सहानुभूति से विचार का निर्देश दिया था।