दिल्ली विश्वविद्यालय की आवेदन प्रक्रिया के तहत अब तक डेढ़ लाख से अधिक फॉर्म जमा हो चुके हैं। ज्यादातर छात्र-छात्राओं ने पहले ही तय कर लिया था कि उन्हें कौन-कौन से कॉलेजों और कोर्स में आवेदन करना है।
लेकिन आवेदकों को फॉर्म में ज्यादा से ज्यादा विकल्प भरने चाहिए। डीयू राम लाल आनंद कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ विजय शर्मा ने कहा कि डीयू में आवेदन करते हुए ज्यादातर छात्र-छात्राएं केवल अपने मनपंसद कोर्स में ही आवेदन करते हैं।
इन छात्रों की धारणा यही होती है कि उनके अंक किसी भी कॉलेज में दाखिले के लिए पर्याप्त हैं। इसलिए वे कुछ गिने-चुने कोर्स में ही आवेदन करते हैं। लेकिन छात्रों को ध्यान रखना चाहिए कि अब डीयू में दाखिले के लिए कट ऑफ लिस्ट का स्तर और पास प्रतिशत का स्तर पहले की तरह आसान नहीं रहा।
इसलिए छात्र-छात्राओं को ज्यादा से ज्यादा पाठ्यक्रमों का चुनाव करना सही रहेगा। यदि अब तक सीमित कोर्स के लिए ही आवेदन किया है तो रविवार तक उनके पास और अन्य कोर्स में आवेदन करने का मौका बाकी है।
इससे छात्रों को यह फायदा होगा कि उनके पास दाखिले के लिए अनेक विकल्प मौजूद रहेंगे। अगर उन्हें अपने मनपसंद कॉलेज और कोर्स में दाखिला नहीं मिल पाता है तो वे दूसरे कॉलेज और कोर्स का चुनाव तो कर ही सकते हैं।