एडमिशन के लिए बच्चे को साथ लेकर आई मां।
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निजी स्कूलों में नर्सरी दाखिले में अपर एज का चक्कर अभिभावकों के लिए परेशानी बन रहा है। दरअसल कई स्कूलों ने अपने ऑनलाइन फॉर्म में अपर एज फिक्स कर दी है इससे 2013 व 2014 में पैदा हुए बच्चों का ही फॉर्म जमा हो पा रहा है। जबकि शिक्षा निदेशालय की गाइडलाइंस में न्यूनतम आयु की ही जानकारी दी गई है। स्कूलों के अपर एज फिक्स फॉर्मूले के कारण कई अभिभावक दाखिले से वंचित हो रहे हैं।
एडमिशन नर्सरी डॉट कॉम के प्रमुख सुमित वोहरा ने कहा कि अल्पसंख्यक स्कूलों के अलावा ऐसे 10 स्कूल हैं जिन्होंने अपर एज लगा दी है। ऐसे स्कूलों की शिकायत शिक्षा निदेशालय में की गई है। निदेशालय अपर ऐज लिमिट को लेकर उल्लंघन कर रहे स्कूलों के लिए कॉमन नोटिस जारी करें। उन्होंने कहा कि दरअसल स्कूलों ने अपर एज अपने आप से तय कर ली है। इसकी जानकारी स्कूल के दाखिला दिशा-निर्देशों में नहीं है लेकिन फॉर्म भरने पर इसका पता अभिभावकों को चल रहा है।
मसलन पूसा रोड बाल भारती स्कूल में 1 अप्रैल 2013 व 31-03-2014 में पैदा हुए बच्चों का ही ऑनलाइन फॉर्म स्वीकार हो रहा है। वर्ष 2013 से पहले पैदा हुए बच्चों का फॉर्म भरने पर वह स्वीकार नहीं हो रहा है। जहां पर ऑनलाइन फॉर्म हैं और अपर एज लगाई है वहां ऐसी ही परेशानी अभिभावकों को हो रही है। दरअसल बीते साल सरकार ने प्री स्कूल के लिए आयु सीमा 4 साल तय कर दी थी। जिसके बाद कोर्ट ने उस पर स्टे लगा दिया था। निदेशालय ने हाल ही में जारी अपनी गाइडलाइंस में न्यूनतम आयु 31 मार्च तक तीन साल तक होने की बात तो की थी लेकिन अधिकतम आयु तय नहीं की थी।