केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने संस्थानों द्वारा छात्रों के शैक्षणिक रिकॉर्ड ऑनलाइन जांचने की अपनी योजना को अमली जामा पहना दिया है। इस तरह से अब देशभर के शैक्षणिक संस्थान किसी छात्र को दाखिला देने से पहले उसके रिकॉर्ड ऑनलाइन जांचना चाहें तो वह जांच सकते हैं।
बोर्ड ने इसके लिए एक ऑनलाइन फॉर्मेट परिणाम मंजूषा तैयार किया है। इस फॉर्मेट के तहत तीन तरह की सुविधाएं ऑनलाइन वेरिफिकेशन, एकेडमिक रिपॉस्टरी, डिजिटल एकेडमिक डॉक्यूमेंट को एक ही प्लेटफॉर्म पर लाया गया है।
सीबीएसई ने बीते माह इस बात की घोषणा की थी कि वह इस तरह की तैयारी कर रहे हैं जिसमें शैक्षणिक संस्थान अगर चाहें तो ऑनलाइन ही छात्रों केशैक्षणिक रिकॉर्ड जांच सकेंगे। अब इसकेलिए एक फॉर्मेट बना दिया गया है जिसके माध्यम से शैक्षणिक संस्थान को इस फॉर्मेट पर अपने को पंजीकृत कराना होगा।
जिसके बाद वह छात्र के दस्तावेजों की जांच कर सकेगा। इस व्यवस्था केहोने से छात्रों केसाथ-साथ कॉलेजों को भी लाभ होगा। जहां छात्रों को अपने दस्तावेज नहीं ले जाने पडेंगे वहीं कॉलेज में फर्जी दस्तावेजों केआधार पर दाखिले नहीं होंगे।
दिल्ली विश्वविद्यालय में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर दाखिला लेने के मामले आते रहते हैं। इस तरह से फर्जीवाड़े पर लगाम लग सकेगी। ऑनलाइन वेरिफिकेशन के लिए संबंधित विश्वविद्यालय से शुल्क लिया जाएगा।
इसकेसाथ ही फॉर्मेट पर एकेडमिक रिपॉस्टरी की भी सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इस सुविधा केतहत सीबीएसई से संबंधित कार्यालय छात्रों के रिकॉर्ड को आसानी से अपडेट व एक्सेस कर सकेंगे। वहीं पहले से चल रही डिजिटल एकेडमिक लॉकर की व्यवस्था को भी इसी फॉर्मेट पर उपलब्ध कराया गया है।