एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक यूनिवर्सिटी से सबंद्ध कुछ कॉलेजों द्वारा छात्र-छात्राओं के अध्ययन के बाद भी सिक्योरिटी मनी और मूल दस्तावेज समय से नहीं देते हैं। छात्र-छात्राओं को कई साल तक परेशान किया जाता है। अब यह मामला यूजीसी के समक्ष पहुंचा तो विश्वविद्यालयों को निर्देशित किया। इसी के चलते एकेटीयू की ओर से सभी कॉलेजों को समय से मूल दस्तावेज और सिक्योरिटी वापस देने के निर्देश दिए।
पिछले कुछ साल से एकेटीयू के कॉलेजों में छात्रों को कोर्स पूरा करने के बाद भी उनको मूल दस्तावेज नहीं दिए जा रहे थे। दस्तावेज के लिए छात्र-छात्राओं को लेने केलिए काफी मशक्कत करनी पड़ती थी। इसके साथ ही जो सिक्योरिटी मनी 5 से 10 हजार रुपये कॉलेज दाखिले के समय ले लेते थे उसे भी आसानी से नहीं दे रहे हैं। 70 फीसदी छात्र परेशान होकर बिना सिक्योरिटी लिए ही चले जाते हैं। इससे कॉलेजों को लाखों रुपये का लाभ होता है।
छात्रों की शिकायत जब यूजीसी पहुंची तो वहां से एकेटीयू के लिए भेजी गई। इसके बाद यूनिवर्सिटी के अधिष्ठाता छात्र कल्याण विभाग के प्रोफेसर कुलदीप सहाय ने सभी कॉलेजों को निर्देशित किया कि किसी भी संस्थान में छात्र-छात्राओं के कोर्स पूरा करने के बाद शैक्षिक प्रमाण-पत्र न रोके जाएं। कोर्स पूरा होने पर छात्र-छात्राओं को मूल प्रमाण-पत्र और उनकी सिक्योरिटी मनी बिना किसी परेशानी के वापस दी जाए। साथ ही सालभर की जानकारी यूनिवर्सिटी की वेबसाइट पर अपलोड की जाए।