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कोविड-19 इंटरनेशनल ड्रग डिस्कवरी हैकाथॉन से बाहर हुआ चीन 

Thu, 02 Jul 2020 04:54 PM IST
Mohit Mudgal सीमा शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली
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इंटरनेशनल ड्रग डिस्कवरी हैकाथॉन - फोटो : अमर उजाला
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वैश्विक महामारी कोविड-19 पर आत्मनिर्भर भारत के तहत भारत पहली इंटरनेशनल ड्रग डिस्कवरी हैकाथॉन का आयोजन करने जा रहा है। इसमें दुनियाभर के वैज्ञानिक और शोधार्थी प्रिंसिपल साइंटिफिक एडवाइजर प्रो. के विजय राघवन की अध्यक्षता में दवा व वैक्सीन बनाने और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस(एआई) व मशीन लर्निंग (एमएल) आधारित ड्रग टूल पर बनाने पर काम  करेंगे। खास बात यह है कि कोविड-19 के खिलाफ इस लड़ाई में चीन को शामिल नहीं किया जा रहा है।

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दुनिया की पहली और सबसे बड़ी ड्रग डिस्कवरी हैकाथॉन दो जुलाई 2020 को शुरू होगी और मई 2021 तक लगातार चलेगी। इस दौरान दस हजार से अधिक वैज्ञानिक और रिसर्च टीम कोविड-19 की दवा, वैक्सीन बनाने और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस और मशीन लर्निंग पर आधारित ड्रग टूल बनाएंगे। हैकाथॉन में एचआरडी, हेल्थ मिनिस्ट्री, सीएसआईआर, डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी संयुक्त रूप से काम करेंगे। इसमें वैज्ञानिक, शोधार्थी, छात्र, कंपनी, स्टार्टअप भी भाग ले सकते हैं।

सिर्फ दवा और वैक्सीन पर तीन ट्रैक पर शोध
इंटरनेशनल ड्रग डिस्कवरी हैकाथॉन के चीफ इनोवेशन आफिसर डॉ. अभय जेरे के मुताबिक, हैकाथॉन में सिर्फ दवा और वैक्सीन में तीन ट्रैक पर शोध होगा। पहला ट्रैक दवा और वैक्सीन की खोज करेगा। दूसरा एआई और मशीन लर्निग पर आधारित ड्रग टूल और तीसरा यदि कोई टीम बड़ी खोज करती है तो उस पर काम होगा। इसके अलावा मानव परीक्षण भी शामिल है। इसमें कंप्यूटर साइंस, फार्मेसी, केमिस्ट्री, बॉयोटेक्नोलॉजी, बेसिक साइंस, मेडिकल साइंस एरिया के विशेषज्ञ व छात्र शामिल होंगे।

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