केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की दसवीं व बारहवीं की परीक्षाएं मार्च में शुरु होने जा रही है। परीक्षा के दौरान यदि किसी प्रश्न पत्र को लेकर स्कूल को परेशानी हुई तो वह अपना फीडबैक, अवलोकन सीबीएसई को भेज सकेंगे। विषय विशेषज्ञों की राय पर मार्किंग स्कीम तय करते समय स्कूलों की ओर से भेजे गए फीडबैक पर विचार किया जाएगा।
सीबीएसई ने स्कूलों को परीक्षा समाप्त होने के 24 घंटे बाद प्रश्न पत्र को लेकर उन्हें अपनी राय, शिकायत या सुझाव देने को कहा गया है। बोर्ड की ओर से इसके लिए एक परफॉर्मा भी स्कूलों को भेजा गया है।
सीबीएसई की ओर से स्कूल प्रमुखों को भेजे गए पत्र में प्रश्न पत्र केसंबंध में मीडिया में राय देने से बचने व प्रश्न पत्र को लेकर अपना अवलोकन सीधे बोर्ड को भेजने की सलाहदी है। बोर्ड ने स्कूलों के लिए जो परफॉर्मा जारी किया है कि उसकेमुताबिक स्कूल प्रश्न पत्र के विषय में राय दे सकेंगे।
मसलन कोई प्रश्न पाठ्यक्रम से बाहर का तो नहीं था, कोई प्रश्न छात्र केस्तर केपार तो नहीं है, किसी प्रश्न में दोषपूर्ण अनुवाद तो नहीं या फिर किसी सवाल का गठन दोषपूर्ण तो नहीं है। या किसी तरह की ओर कोई समस्या प्रश्न पत्र में तो नहीं हुई। उल्लेखीनय है कि बोर्ड की ओर से परीक्षा समाप्त होने के बाद प्रश्न पत्र का आंकलन कर छात्रों के रुख व स्कूलों की सिफारिशों के मद्देनजर मार्किंग स्कीम में बदलाव किए जाते हैं।
सीबीएसई का मानना है कि एग्जामिनेशन सिस्टम में निष्पक्षता रहना जरुरी है। बोर्ड का यह प्रयास रहता है कि ज्यादा से ज्यादा बच्चे पास हो और उन पर से परीक्षा का तनाव कम हो। स्कूलों से प्राप्त फीडबैक के अनुसार कमेटी इस बात को देखेगी कि पेपर बच्चों को कैसा लगा, कोई सवाल पाठ्यक्रम के बाहर से तो नहीं था, या किस प्रश्न से बच्चे को सबसे ज्यादा दिक्कत हुई।