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सीबीएसई ने मांगी स्कूलों से जानकारी, नहीं दी तो होगी कार्रवाई

Wed, 16 Nov 2016 12:02 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
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सीबीएसई प्रशासन निजी स्कूलों में विद्यार्थियों को दी जाने वाली सुविधाओं को लेकर गंभीर हो गया है। सीबीएसई ने 21 प्रश्नों की सूची तैयार कर सभी स्कूलों को भेजकर दिसंबर के पहले सप्ताह तक इस पर जवाब मांगा है। साथ ही प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि जवाब न देने वाले स्कूल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उसकी मान्यता भी रद्द की जा सकती है। 
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दरअसल, निजी स्कूलों में बढ़ती अनियमितताओं को देखते हुए सीबीएसई ने सख्त रुख अपना लिया है। सीबीएसई द्वारा भेजे गए पत्र में पूछा गया है कि स्कूल प्रशासन विद्यार्थियों को क्या सुविधा देता है? विद्यार्थी के स्वास्थ्य व सुरक्षा के लिए स्कूलों में क्या इंतजाम है? क्या स्कूलों में डांस, म्यूजिक, तैराकी जैसी सुविधा है या नहीं आदि तमाम बातों को जानने के लिए सीबीएसई ने 21 प्रश्नों की सूची तैयार कर सभी स्कूलों में भेज दी है। इन प्रश्नों का उत्तर स्कूलों को हां या ना में देने होंगे। स्कूल प्रबंधक या प्रधानाचार्य को सीबीएसई की वेबसाइट पर दिसंबर के पहले सप्ताह तक सभी प्रश्नों के जवाब अपलोड करना होगा। सूत्रों की मानें तो जवाब न देने वाले स्कूलों की मान्यता पर भी तलवार लटक सकती है। 

15 प्रश्नों में होंगे पास 
सीबीएसई ने स्कूलों को 21 प्रश्नों की सूची भेजी है। इनमें से 15 प्रश्न के उत्तर हां में दिए जाने वाले स्कूल ही पास होंगे। सीबीएसई सूत्रों के अनुसार जिन स्कूलों के छह या छह से कम अंक होंगे वह फेल माने जाएंगे। उन्हें सभी सुविधाएं स्कूल में मुहैया करवाने के लिए छह महीने का समय दिया जाएगा। इसके बावजूद भी स्कूल सूची में पूछे गए प्रश्नों के उत्तर को पूरा नहीं कर पाता तो उसकी मान्यता रद्द कर दी जाएगी। 
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बोर्ड ने इन प्रश्नों की सूची भेजी 
-स्कूल में कितने अध्यापक है वह क्या विषय पढ़ाते है? उनका नाम व पता। 
-क्या स्कूल में होस्टल की फैसिलिटी है। 
-क्या स्कूल में जिम दिया गया है।
-क्या स्कूल कंपाउंड का बाउंड्रीवाल है। 
-क्या स्कूल का कॉमन रूम है।
-क्या स्कूल में वाईफाई की सुविधा है। 
-क्या स्कूल का अपना वेब सर्वर है।
-क्या स्कूल में वाटर प्यूरीफाई है।   
-क्या स्कूल में इंडोर या आउटडोर खेल मैदान है। 
-क्या स्कूल में डांस व म्यूजिक की सुविधा है। 
-क्या स्कूल में अग्निशमन यंत्र है। 
-क्या स्कूल में वेब के माध्यम से लर्निग प्रोग्राम चलता है
-क्या स्कूल परिसर में सीसीटीवी कैमरा लगा हुआ है कहां-कहां और इनकी संख्या

सीबीएसई की ओर से जो सूची आई है उनमें बहुत से प्रश्न सही नहीं पूछे गए। जैसे अध्यापक और उसके विषय संबंधित प्रश्न का उत्तर अपलोड करना ठीक हैं लेकिन अध्यापक का पता व फोन भी सीबीएसई ने मांगा है जोकि सही नहीं है। इसको लेकर हरियाणा प्रोग्रेसिव स्कूल कांप्रेस(एचपीएससी) की ओर से आपत्ति दर्ज की गई है। सीबीएसई को सूची में सुधार करना होगा।  -एसएस गुसांई प्रदेश अध्यक्ष, एचपीएससी
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