दिल्ली विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (एसओएल) में मौजूदा सत्र से च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम (सीबीसीएस) लागू करने का मामला लटक गया है। दिल्ली विश्वविद्यालय ने सीबीसीएस लागू करने को लेकर एक कमेटी बना दी है।
कमेटी ही अब इस मामले में निर्णय करेगी। डीयू ने एसओएल को साफ कर दिया है कि कमेटी के निर्णय लेने तक उन्हें पुराने पाठ्यक्रम के मुताबिक ही पढ़ाना है। डीयू में मौजूदा सत्र से कॉलेजों व एसओएल में अलग-अलग पाठ्यक्रम की व्यवस्था खत्म कर सीबीसीएस लागू करने की योजना थी।
इसके लिए ऑनलाइन अध्ययन सामग्री भी तैयार की जा रही थी जिसे कि वेबसाइट पर अपलोड किया जा सके। लेकिन अब इस सत्र से इसे लागू नहीं किया जा रहा है। एसओएल से जुड़े अधिकारियों की मानें तो डीयू ने इसके लिए एक कमेटी बनाई है। कमेटी का अध्यक्ष डीन साइंस को बनाया गया है। इसके अलावा आठ अन्य डीन भी कमेटी में शामिल हैं।
अधिकारियों की मानें कमेटी बनाने के साथ ही डीयू ने एसओएल को लिख दिया है कि जब तक कमेटी कोई निर्णय नहीं लेती है तब तक उन्हें पहले से चल रहे पाठ्यक्रम के अनुसार ही पढ़ाना है।
उल्लेखनीय है कि एसओएल में भले ही सीबीसीएस व्यवस्था लागू करने की योजना हो, लेकिन यहां वार्षिक परीक्षा व्यवस्था ही लागू रहेगी। इसका अर्थ यह हुआ है कि साल में एक ही बार परीक्षा होगी। जबकि रेगुलर कॉलेजों में सेमेस्टर सिस्टम होने के कारण साल में दो बार परीक्षाएं होती हैं।