डॉ. कमलेश ने बताया कि अस्पताल की तरफ से ‘लेजी आई’ जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा। प्रतिदिन एक कॉलोनी में टीम जाकर बच्चों का निशुल्क परीक्षण करेगी।
डॉ. कमलेश ने बताया कि लेजी आई उसे कहते हैं जो छोटी उम्र में ही कमजोर हो जाती है। बावजूद लोग बिना जांच करवाए काम करते रहते हैं। यह आने वाले समय में खतरनाक साबित हो सकती है और आंखों की रोशनी भी जा सकती है।
सर्टिफिकेट के बगैर दाखिला तो होगी कार्रवाई
यदि स्कूल बिना विजन सर्टिफिकेट चेक किए बच्चों को दाखिला देंगे तो उन पर कार्रवाई के प्रावधान पर भी विचार किया जा रहा है। यह पूरा प्रोजेक्ट बच्चों में इस रोग को दूर करने के लिए चलाया जा रहा है।
इसमें स्कूलों का साथ होना बेहद जरूरी है। इस विजन सर्टिफिकेट पर बच्चों की आंखें कितनी कमजोर और कितनी ठीक है पूरा विवरण दिया जाएगा।