दिल्ली में वायु की खराब होती जा रही गुणवत्ता को लेकर अब कॉलेज भी जागरुक होने लगे हैं। पर्यावरण को बचाने का संदेश अन्य लोगों को भी दे रहे हैं। डीयू के अरबिंदो कॉलेज ने एक ऐसा ही प्रयास शुक्रवार को किया।
कॉलेज के एन.एस.एस छात्रों ने मालवीय नगर इलाके में एक मार्च निकाला। जिसमें बिना पटाखों के प्रदूषण मुक्त दीवाली मनाने का संदेश लोगों को दिया। साथ ही एक जागरुकता कार्यक्रम भी आयोजित किया।
कॉलेज प्रिंसिपल डॉ विपिन कुमार अग्रवाल ने इस अवसर पर कहा कि दीवाली प्रकाशोत्सव यानि प्रकाश फैलाने का त्योहार है। उन्होंने छात्रों को इस बात के लिए प्रेरित किया कि इस त्योहार को धुंए के प्रदूषण और शोर में न बदलें , रोशनी के इस त्यौहार को अंधेरे में न बदलें।
इस अवसर पर एन.एस.एस. और कॉलेज के पर्यावरण विभाग के सहयोग से पर्यावरण संरक्षण पर विद्यार्थियों ने अत्यन्त प्रेरणादायी नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत करए। वहीं मालवीय नगर इलाके में पर्यावरण बचाएंगे, पटाखे नहीं चलाएंगे, डोन्ट एक्ट मीन गो ग्रीन के नारे लगाते गलियों में भी नुक्कड नाटक प्रस्तुत किये गए।
इस अवसर पर कॉलेज प्रदूषण मुक्त दीवाली के लिए शपथ भी ली गई। उल्लेखनीय है कि सर्वोच्च न्यायलय ने दिल्ली-एनसीर में पटाखों की ब्रिकी लगाई गई है। ऐसे में प्रदूषण मुक्त दीवाली की दिशा में कॉलेज का यह प्रयास सराहनीय है। कॉलेज का मानना है कि शिक्षण संस्थान यदि इस दिशा में पहल करें तो भारत स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त हो सकता है।