शासन और एकेटीयू की ओर से शैक्षणिक सत्र की शुरुआत में ही एक कमेटी का गठन कर दिया गया है, जिसमें अध्यक्ष के अलावा दो सदस्य भी होंगे। यह कमेटी कॉलेजों में फीस और प्रवेश से संबंधित शिकायतों पर जांच करके कार्रवाई करेगी। उधर, विश्वविद्यालय की ओर से सभी संस्थानों को दिए गए निर्देश के बाद निजी संस्थानों ने फीस की जानकारी पोर्टल पर जारी कर दी है। यदि दिए गए विवरण से ज्यादा शुल्क वसूला जाता है, तो कॉलेजों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
एकेटीयू के कुलपति प्रोफेसर विनय कुमार पाठक ने बताया कि निजी संस्थानों में व्यवसायिक पाठ्यक्रमों की कितनी फीस है, इसकी जानकारी देने के लिए सभी कॉलेजों को निर्देश दिए गए थे। कॉलेजों ने विश्वविद्यालय के पोर्टल पर पूरी जानकारी मुहैया करा दी है। यदि कोई छात्र कॉलेज में दाखिला लेने से पहले उसकी फीस जानना चाहता है, तो पोर्टल पर जाकर सच्चाई जान सकता है। अगर किसी छात्र को यह मिलता है कि कॉलेज निर्धारित से अधिक शुल्क वसूल रहा है, तो उस संस्थान के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय स्तर पर एक कमेटी गठित की गई है। यह कमेटी कॉलेजों में फीस और प्रवेश से संबंधित शिकायतों की जांच करेगी और उसी आधार पर कार्रवाई करेगी। कमेटी में प्रमुख सचिव प्राविध शिक्षा को अध्यक्ष और विशेष सचिव यूपी शासन को सदस्य एवं एकेटीयू के कुल सचिव केके चौधरी को सदस्य बनाया गया है। विश्वविद्यालय की ओर से पोर्टल पर प्रदेश के 848 मैनेजमेंट और इंजीनियरिंग कॉलेजों की सुविधाएं एवं फीस से संबंधित सभी जानकारी मुहैया करा दी गई हैं। इससे छात्र-छात्राओं को कोई गुमराह नहीं कर पाएगा।